मध्यप्रदेश के मेडिकल विश्वविद्यालयों के रिजल्ट में होने वाली देरी हजारों मेडिकल छात्रों का भविष्य बिगाड़ सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली परीक्षा के ऑनलाइन फार्म भरने की अंतिम तिथि 27 जनवरी तय की गई है, जबकि अभी तक प्रदेश के मेडिकल विश्वविद्यालयों के रिजल्ट ही नहीं आए हैं।
इस कारण कई छात्र नीट पीजी 2023 के फार्म ही नहीं भर पाएंगे। एमजीएम एलुमनी एसोसिएशन ने फार्म की भरने अंतिम तिथि 31 जुलाई करने की मांग की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नेशनल परीक्षा बोर्ड के माध्यम से होने वाली नीट पीजी परीक्षा में मध्यप्रदेश के एमबीबीएस होने के बाद इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को नजरअंदाज कर दिया गया है।
एमजीएम एलुमनी एसोसिएशन इंदौर के अध्यक्ष डॉ शेखर डी राव, सचिव डॉ संजय लोंढे ने बताया कि 5 मार्च को अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 27 जनवरी है। मध्यप्रदेश में मेडिकल यूनिवर्सिटी के रिजल्ट देर से आने के कारण प्रदेश के हजारों छात्र इस परीक्षा से वंचित रह जाएंगे।
उनका कहना है कि यदि इसे 31 जुलाई किया जाए तो हजारों इंटर्न परीक्षा दे सकेंगे। कुछ प्रभावशाली राज्यों के कारण मेडिकल छात्रों के इंटर्नशिप पूरी करने की समयावधि 30 जून कर दी गई है, लेकिन तब तक मध्यप्रदेश के मेडिकल विश्व विद्यालयों के रिजल्ट ही नहीं आते हैं।
यदि समय नहीं बढ़ाया गया तो फिर मेडिकल छात्र अगले साल ही नीट पीजी दे पाएंगे। इंदौर के मेडिकल छात्र भी समय बढ़ाने के लिए आवाज उठाने लगे है। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार को भी हस्तक्षेप करना चाहिए और फार्म भरने की समय सीमा बढ़ाई जाना चाहिए, ताकि इस परीक्षा से मेडिकल छात्र वंचित न रहें।