जेल में बंद दीपक मद्दा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सात दिन की रिमांड पर लिया है। वह सहकारी संस्थाओं की जमीनों की गड़बड़ी व खरीद फरोख्त के मामले में जेल में बंद है। जमीनों की खरीद-फरोख्त में शराब कारोबारी व आबकारी अफसरों के पैसा लगाने की बात भी सामने आई है। अब तक की जांच में पता चला कि दस्तावेजों में मोहरों का नाम है, लेकिन पैसा कोई और लगाता है।
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अफसरों ने काली कमाई जमीनों में लगाई
संदिग्ध खातों में पैसा कहां से आया, किस खाते में गया यह जांच चल रही है। इस दौरान शराब कारोबारी व आबकारी विभाग के विवादास्पद दो अफसरों के नाम भी सामने आ रहे हैं। आशंका है, इन लोगों ने अपनी कमाई का पैसा जमीनों की खरीदी में पर्दे के पीछे रहकर लगाया है। इनके नाम दस्तावेज में शामिल हैं, वे उनके लिए ही काम करते हैं। इन तमाम जानकारियों के बाद दीपक मद्दा को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जमीनों की खरीदी-बिक्री में ईडी की टीम दस्तावेजों और अकाउंट की जांच से आगे बढ़ रही है।
कई लोगों से चल रही पूछताछ
ईडी की टीम ने अब तक दीपक मद्दा की पत्नी समता जैन, साले दीपेश जैन वोहरा के साथ ही सुरेंद्र संघवी, प्रतीक संघवी, केशव नाचानी, जितेंद्र धवन, हैदर अली, इस्लाम पटेल, सुभाष गुप्ता, राजेंद्र आगार, मुकेश खत्री, रणबीरसिंह सूदन से पूछताछ की है। कुछ अन्य लोगों को भी नोटिस दिया गया है। इसमें टोल कारोबारी के साथ ही प्रॉपर्टी कारोबारी नवीन, नीलू पंजवानी आदि की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सूदन से पूछताछ हुई है। सूदन बॉबी छाबड़ा का नजदीकी रहा है, यह एंगल भी जांच में शामिल किया गया है। सभी लोगों से अभी जो दस्तावेज मिले हैं और लेन-देन का रिकॉर्ड जांचा है, उससे साफ है कि जमीनों का खेल करने में पर्दे के पीछे तो कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।