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Indore News: मप्र के पूर्व गृहमंत्री सीपी शेखर का निधन, ब्राह्मण नेता की पहचान बनी और दलितों की आवाज उठाई

Fri, 15 Mar 2024 10:21 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, इंदौर

सार

कई मुख्यमंत्री के साथ काम किया, कमलनाथ सरकार में भी सक्रिय रहे। सरकार में महत्वपूर्ण पद संभाले। 
 
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सीपी शेखर - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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मप्र सरकार के पूर्व गृहमंत्री सीपी शेखर का शुक्रवार को इंदौर में निधन हो गया। इंदौर के चोइथराम हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से लगातार बीमार थे। उनकी अंतिम यात्रा कल सुबह 10 बजे निज निवास 518 खातीवाला टैंक इंदौर से रीजनल पार्क मुक्तिधाम जाएगी। जानकारी के मुताबिक सीपी शेखर को चार मार्च को फेफड़ों में इन्फेक्शन के कारण चोइथराम हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। वहां पर वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।
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कई मु्ख्यमंत्री के साथ काम किया
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सीपी शेखर स्व. महेश जोशी और सुरेश सेठ की तरह पहली पंक्ति के नेता रहे। वह देवास और इंदौर विधानसभा चार से विधायक भी रह चुके हैं। उन्होंने श्यामाचरण शुक्ला, अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह के साथ लंबे समय काम किया। इसके साथ गृह मंत्री और उद्योग मंत्री जैसे कई पद संभाले। ब्राह्मण नेता होने के बाद भी वह कांग्रेस में दलितों की प्रमुख आवाज बने। कमलनाथ सरकार में भी वह लगातार सक्रिय रहे। 

“नर्मदा मैय्या इंदौर चलो" आंदोलन का चेहरा बने थे शेखर 
सीपी शेखर का पूरा नाम चंद्रप्रभाष शेखर था। राम सिंह भाई वर्मा, द्रविड़ साहब, होमी दाजी जैसे राष्ट्रीय स्तर के मजबूत नेताओं व लक्ष्मण सिंह चौहान, लक्ष्मीशंकर शुक्ला, यज्ञदत्त शर्मा, बाबूलाल पटौदी जैसे जमीनी नेतृत्व के बाद स्व. महेश जोशी और चंद्रप्रभाष शेखर जैसे युवा नेतृत्व ने शहर में दस्तक दी। 1964-65 की निगम परिषद में इनकी प्रभावी उपस्थिति थी। चंद्रप्रभाष शेखर सरल, सहज, सौम्य व मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। “नर्मदा मैय्या इंदौर चलो" आंदोलन की युवा टीम के नायक थे। अपनी क्षमता व योग्यता के कारण सेठी, अर्जुन सिंह से लेकर वोहरा जैसे मुख्यमंत्रियों के साथ विश्वस्त साथी मंत्री का दायित्व बखूबी निभाया। पिछले समय कमलनाथ की कांग्रेस सरकार बनने-बनवाने में शेखर का अतुलनीय योगदान था। अपने जीवन के अंतकाल में शेखर को जैसे आभास हो गया था की राजनीतिक रंगमंच पर उनकी भूमिका पूर्ण हो गई है और वे भोपाल छोड़कर पारिवारिक दायित्व निभाने इंदौर आ गए। इसके बाद कुछ ही दिनों ईश्वर ने उन्हें अपने पास बुला लिया। 
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पिछड़ों की आवाज बने
इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के संगठन मंत्री महेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि नर्मदा को इंदौर लाने के लिए उन्होंने घर-घर संपर्क किया। लोगों को जागरूक किया और अधिकारियों, नेताओं से लेकर हर स्तर पर काम किया। वे सामाजिक उत्थान के शीर्ष नेताओं में से एक रहे जिन्होंने पिछड़े वर्ग की आवाज का प्रतिनिधित्व किया। 
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