कांग्रेस कार्यकर्ता कफन लेकर सांसद निवास पर गए।
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बेलेश्वर महादेव बावड़ी हादसे को लेकर कांग्रेस सांसद शंकर लालवानी पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि लालवानी ने मंदिर और अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं करने के लिए दबाव बनाया। शनिवार को शहर युवा कांग्रेस कार्यकर्ता लालवानी के निवास पर कफन लेकर पहुंचे। रास्ते में पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बेरिकेड लगा रखे थे। कार्यकर्ता और पुलिस जवानों के बीच हल्की झड़प हुई। बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
बावड़ी की छत गिरने से हुई ३६ लोगों की मौत को लेकर भाजपा और कांग्रेस में राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी सांसद शंकर लालवानी के समर्थक है और उनके कहने पर लालवानी ने नगर निगम के अफसरों पर कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाया था। नगर निगम ने जनवरी में नोटिस दिया था, लेकिन अफसर कार्रवाई से बचते रहे।
पुलिस ने रास्ते में रोका तो पुलिस वाहन से उड़ाया कफन
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने साथ कफन लेकर गए थे। वे सांसद को कफन भेंट कर इस हादसे की जिम्मेदारी लेने की बात कहना चाहते थे, कार्यकर्ता पलासिया के पीडब्लूडी परिसर स्थित आवास पर पहुंचने के लिए निकले थे। निवास से पहले पलासिया थाने के पुलिस जवानों ने कार्यकर्ताओं को रोका। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराने लगे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस वाहन में बैठा दिया।
इसके बाद नेता वाहन के गेट पर खड़े होकर नारे लगाते रहे है और कफन हवा में फेंकते नजर आए। पुलिस अफसरों का कहना है कि अनुमति के बगैर प्रदर्शन किया जा रहा था, इसलिए कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए है।