इंदौर में भी पांच दावेदारों को मिल चुके है संकेत।
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भाजपा ने इंदौर जिले की नौ में से तीन सीटों के उम्मीदवार तय कर दिए हैं। वहीं, कांग्रेस की दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में प्रदेश की 230 सीटों पर चर्चा हुई, इसमें इंदौर जिले की नौ सीटें शामिल हैं, हालांकि, इंदौर जिले की तीन सीटों पर ही अंतिम सहमति बनना है, क्योंकि पांच विधानसभा सीटों पर पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ दावेदारों को चुनावी तैयारियों के संकेत दे चुके हैं और वे खुद को तय उम्मीदवार मानकर ही क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं।
कमलनाथ उम्मीदवार घोषित करने को लेकर कह चुके हैं कि हमने तीन स्तर पर सर्वे किया है। जिन दावेदारों को टिकट देता है। उन्हें पहले ही चुनाव लड़ने का इशारा किया जा चुका है। इंदौर जिले की पांच सीटों पर भी कांग्रेस के पांच उम्मीदवार लगभग तय हैं और वे चुनाव की तैयारियों में जुट गए है। इनमें तीन मौजूदा विधायक हैं। राऊ से जीतू पटवारी, देपालपुर से विशाल पटेल और एक नंबर विधानसभा से संजय शुक्ला के नाम लगभग तय हैं।
इंदौर जिले के तीनों कांग्रेस विधायक अपनी सीट नहीं बदलना चाहते हैं। एक नंबर से भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय को उम्मीदवार बनाया है। संजय का सामना उसने होना है, इसलिए चुनाव की रणनीति उन्होंने बदल दी है। तीनों विधायक अपने क्षेत्र में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा करा चुके है। विशाल पटेल ने भी गांवों में जनसंपर्क शुरू कर दिया है।
टिकट के चक्कर में सिंधिया के साथ नहीं गए पटेल
इंदौर के पांच नंबर विधानसभा क्षेत्र से पिछला चुनाव कांग्रेस नेता सत्यनारायण पटेल 1500 से भी कम वोटों से हारे थे। वे लगातार बीते पांच साल भी सक्रिय रहे हैं। पटेल ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक थे, लेकिन उनके साथ वे भाजपा में शामिल नहीं हुए, क्योंकि वे पांच नंबर विधासभा क्षेत्र से फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
कमलनाथ के अलावा दिग्विजय सिंह भी पटेल को पसंद करते है, हालांकि इस क्षेत्र से स्वप्निल कोठारी भी टिकट मांग रहे हैं, लेकिन पटेल की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान नाथ ने इंदौर में हुए पाॅप सिंगर के शो का जिम्मा भी पटेल को सौंपा था। इसके अलावा चार नंबर विधानसभा सीट कांग्रेस 30 सालों से नहीं जीत पाई है। इस सीट पर अक्षय कांति बम कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं।