मुख्यमंत्री चौहान झाबुआ में महिला सम्मेलन में हुए शामिल, मुख्यमंत्री चौहान का झुलड़ी और साफा पहना कर पारंपरिक स्वागत किया गया और स्मृति-चिन्ह के रूप में तीर-कमान भेंट किया गया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मेरी जिंदगी का मकसद बहनों की जिंदगी को बेहतर बनाना है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं में से अनूठी लाड़ली बहना योजना से बहनों में आत्म-निर्भरता आएगी। आगामी 10 जून को बहनों के खातों में एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। बहनें अगले दिन 11 जून को इस राशि का बैंक आहरण कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं की मैदानी स्तर पर निगरानी के लिए हर गांव में लाड़ली बहना सेना बनाई जा रही है। बहनें बेहिचक योजनाओं के क्रियान्वयन में होने वाली गड़बड़ियों की जानकारी मुझे दें। मैं गड़बड़ी करने वालों को छोडूंगा नहीं। मुख्यमंत्री चौहान आज झाबुआ में महिला सम्मेलन में शामिल हुए। बहनों ने मुख्यमंत्री का स्वागत भगोरिया नृत्य और पुष्प-वर्षा के साथ किया। मुख्यमंत्री को बहनों ने रक्षा-सूत्र बांधे और एक बड़ी राखी भेंट की।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई बहन गरीब नहीं रहेगी और न ही मजबूरी में जीवन बिताएंगी। लाड़ली बहना योजना से बहनें अपनी जरूरत एवं परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन से महिलाओं को जोड़ कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। मेरा संकल्प है कि प्रत्येक बहन की मासिक आय 10 हजार रुपए हो जाए। उन्होंने बहनों को स्व-सहायता समूहों से जुड़ने का आहवान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एक नया जमाना आया है, जहां महिलाएं अधिक सशक्त होंगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैं झाबुआ को प्रणाम करता हूं, यहां बेटा और बेटी में भेदभाव नहीं किया जाता। मैंने अनेक जगह बेटियों के साथ भेदभाव होते देखा था। समाज की इस मानसिकता को बदलने के लिए प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की गई। योजना से बेटियां अब बोझ नहीं वरदान मानी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बहनों को सम्मान देने के लिये हमने स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए किया है। इसी का परिणाम है कि आज हमारी बहुत सी बहनें पंच-सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य एवं अध्यक्ष बनी हैं। बेटियों को पुलिस, शिक्षा सहित अन्य शासकीय भर्तियों में भी आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री चौहान ने उपस्थित सभी बहनों से आग्रह किया कि 10 जून की शाम को जब लाड़ली बहना योजना की राशि उनके खाते में डाली जाएगी तो वे उत्सव जरूर मनाएं, अपने घरों में एक दीपक जरूर जलाएं। मुख्यमंत्री चौहान ने अपने भावनात्मक संवाद में कहा कि मैं वचन देता हूं कि जिऊंगा तो बहनों के लिए और कभी मरना पड़ा तो मरेंगे भी अपनी बहनों के लिए।
जनजातीय दलों ने भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी। महिलाओं ने लाड़ली बहना योजना पर केन्द्रित संदेशपरक नाटिका की प्रस्तुति भी दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। साथ ही बहनों को लाड़ली बहना योजना के स्वीकृति-पत्र और हितलाभ वितरित किए। झाबुआ के गिल रेस्ट हाउस में पीपल का पौधा भी रोपा। मुख्यमंत्री चौहान का झुलड़ी और साफा पहना कर पारंपरिक स्वागत किया गया और स्मृति-चिन्ह के रूप में तीर-कमान भेंट किया गया।