प्रदेश के सबसे सुरक्षित शहर इंदौर में बसों को हाईजैक करने का मामला सामने आया है। बदमाशों के पास हथियार भी थे जिनके दम पर वह बस को शहर में घुमाते रहे। बदमाश चार थाना क्षेत्रों में बस घुमाते रहे लेकिन पुलिस का इस पर ध्यान नहीं गया। बाद में जब सीसीटीवी फुटेज सामने आए तो पुलिस हरकत में आई लेकिन अफसर घटना को दबाने की कोशिश करते रहे। घटना की शुरुआत दोपहर करीब सवा तीन बजे व्हाइट चर्च चौराहा से हुई । धार से आ रही ओम साईं राम ट्रेवल्स की बस (एमएच 46ए 0208) में तीन बदमाश चढ़ गए। बस थोड़ी आगे बढ़ी और तीन अन्य बदमाश बस में बैठ गए।
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पल्याहाना चौराहा पर उनके और साथी मिले और इसके बाद सबने चालक अमित मनोहर कुमावत व हेल्पर इमरान के साथ मारपीट शुरू कर दी। पिपल्याहाना चौराहे पर सवारियों से कहा कि बस से उतर जाओ यह हाईजैक हो गई है। हमको इस बस के चालक से हिसाब करना है। दिनदहाड़े हुई इस घटना का यात्रियों ने विरोध किया तो बदमाश मारपीट करने लगे और सामान भी बाहर फेंक दिया। इसके बाद बदमाशों ने हेल्पर इमरान को बाहर उतार दिया और चालक अमित को धमकाकर बस अपने हिसाब से चलाने लगे। बदमाश बस को कनाड़िया की तरफ घुमाते हुए रोबोट चौराहे पर ले आए। करीब पौन घंटे तक सबने मिलकर आरोपित अमित के साथ मारपीट की और फरार हो गए।
पहली को छोड़ने के बाद दूसरी बस पर भी किया कब्जा
बदमाशों ने एक बस को छोड़ा तो थोड़ी देर बाद इसी ट्रेवल की एक अन्य बस (एमपी 11पी 0870) पर कब्जा कर लिया। यह बस देवास की तरफ से आ रही थी। आरोपितों ने रिंग रोड पर बस को रोककर उस पर कब्जा किया। बस चालक रवि व हेल्पर की पिटाई की और यहां पर भी यात्रियों को उतार दिया। आरोपित बस को कनाड़िया क्षेत्र में लेकर फरार हो गए। बाद में उसे छोड़ दिया।
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अवैध वसूली के लिए हुआ विवाद
बस मालिक मोनू रघुवंशी ने बताया कि उसकी बसें धार से देवास और देवास से धार के बीच चलती हैं। बसों से एजेंटी वसूलने के लिए उन्होंने बस को हाईजैक किया था। वे सभी बदमाश यही काम करते हैं। मोनू ने बताया कि बस के ड्राइवर और हेल्पर ने भी बदमाशों को जवाब दिया और हम अब इस मामले में आगे भी कार्रवाई करेंगे।
एक आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश
ओम सांई राम ट्रैवल्स के लोगों से आरोपियों का विवाद हुआ था। आरोपियों में से एक के भाई का एजेंटी को लेकर विवाद था जिसकी वजह से उन्होंने बस को हाईजैक किया। पहले वाले विवाद में मारपीट का केस दर्ज हुआ था जिससे आरोपी भड़के हुए थे और उन्होंने बस कब्जे में ले ली।