वाल्मीकि समाज के आराध्य हैं वीर गोगादेव
भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को वाल्मीकि समाज गोगा नवमी पर्व मनाता है। इस दिन गोगादेव का पूजन होता है। इन्हें सांपों का देवता माना जाता है। इन्हें गुरु गोरखनाथ का प्रमुख शिष्य बताया जाता है। इस अवसर पर शहर के विभिन्न वाल्मीकि क्षेत्रों से करीब वीर गोगादेव के छड़ी निशान लेकर 60 से अधिक चल समारोह निकलकर राजबाड़ा पहुंचते हैं। इसके बाद गोगादेव मंदिर पर पहुंचकर आरती पूजन किया जाता है।