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MP Politics: पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत हुए कांग्रेस के, कहा- मुझे भाजपा छोड़ने को मजबूर किया गया

Sat, 02 Sep 2023 02:03 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

भंवरसिंह शेखावत ने शनिवार को कांग्रेस की सदस्यता ले ली। उन्होंने कहा कि अब भाजपा उन लोगों के कब्जे में है, जिनसे भाजपा कार्यकर्ता वर्षों तक संघर्ष करते रहे। संगठन की जमीन तैयार करने के लिए उनसे लड़े। जिस नेता ने मुझे चुनाव हराया, वह भाजपा में शामिल हो गया।

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भंवर सिंह शेखावत - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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भाजपा के पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत ने शनिवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। वह बदनावर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। शेखावत कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने भोपाल पहुंचे। उन्होंने अमर उजाला से चर्चा में कहा कि मैंने भाजपा नहीं छोड़ी, मुझे पार्टी छोड़ने को मजबूर किया गया। साढ़े चार साल से जो कुछ मेरे साथ हो रहा था, उसके बारे में मैं वरिष्ठ नेताओं को बता चुका था। उन्हें किसी की परवाह नहीं है। संगठन में आए लोग वरिष्ठों की उपेक्षा कर रहे हैै। उनका रवैैया भी अड़ियल है।

शेखावत ने कहा कि अब भाजपा उन लोगों के कब्जे में हैं, जिनसे भाजपा कार्यकर्ता वर्षों तक संघर्ष करते रहे। संगठन की जमीन तैयार करने के लिए उनसे लड़े। जिस नेता ने मुझे चुनाव हराया, वह भाजपा में शामिल हो गया। जो नेता पार्टी से बगावत करते हैं, उन्हें भी पार्टी अपना लेती है। भाजपा नेता विचारधारा छोड़कर अब निजी स्वार्थों के लिए काम कर रहे हैं। 

बेटा नहीं छोड़ रहा भाजपा

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भंवर सिंह शेखावत के बेटे संदीप शेखावत पूर्व पार्षद हैं। वह भाजपा में ही रहेंगे। वे इंदौर के जगजीवराम नगर से दो बार पार्षद रहे हैं। फिलहाल पार्टी ने उन्हें कोई पद नहीं दिया है। इसके बाद भी वे कांग्रेस जॉइन नहीं करने वाले। 

बदनावर से चुनाव हार चुके है शेखावत
भंवर सिंह शेखावत की गिनती मालवा में भाजपा के पुराने नेताओं में होती हैं। वे भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से भी पहले भाजपा में आए थे। 1990 के दशक में वे पांच नंबर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। दस साल पहले पार्टी ने उन्हें बदनावर से टिकट दिया था। शेखावत ने उस समय राज्यवर्धन दत्तीगांव को हराया था। पिछले चुनाव में दत्तीगांव ने शेखावत को हराया था। साढ़े तीन साल पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस से भाजपा में आने वाले विधायकों में दत्तीगांव प्रमुख हैं। उन्हें उपचुनाव जीतने पर राज्य में उद्योग मंत्री भी बनाया गया है। शेखावत ने उपचुनाव में भी दत्तीगांव के टिकट का विरोध किया था। पहले भी शेखावत के कांग्रेस में जाने की अटकलें लगती रही हैं। शनिवार को उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले ली। 

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