लालबाग परिसर में तीन एकड़ जमीन पर अहिल्या स्मारक बनेगा। सरकार ने यह जमीन ट्रस्ट के सौप दी है। नामांतरण के बाद देवी अहिल्या बाई होलकर ट्रस्ट ने मंगलवार को जमीन का कब्जा लिया। अब देश के प्रसिद्ध कंसलटेंटों के साथ इस स्मारक की प्लानिंग की जाएगी। इसके निर्माण के बाद पर्यटकों को देखने के लिए एक और टूरिस्ट स्पाॅट मिल जाएगा।
पूर्व लोकसभा स्पीकर सुुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री से चर्चा करते ट्रस्ट के लिए यह जमीन उपलब्ध कराई है। ट्रस्ट की यह मंशा है कि देवी अहिल्या ने देशभर में मंदिरों, घाटों का निर्माण कराया। धर्मशालाएं बनवाई। उनके लिए एक स्माकर इंदौर मेें होना चाहिए, ताकि लोग उनके बारे में जान सके।
30 साल के लिए एक रुपये लीज पर मिली जमीन
ट्रस्ट को तीस साल के लिए एक रुपये लीज पर जमीन मिली है। ट्रस्ट ने लीज जमा कराकर जमीन का नामांतरण करा लिया है अौर मंगलवार को सीमांकन के बाद कब्जा भी ले लिया गया। ट्रस्ट में संभागायुक्त, कलेक्टर के अलावा पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी, सुधीर देड़गे आदि शामिल है। देड़गे ने बताया कि स्मारक निर्माण के अलावा रामपुरा कोठी, चंपा बावड़ी, शिव मंदिर को भी संवारा जाएगा। स्मारक में होलकर राजवंश की जानकारी, होलकर शासनकाल जुड़े दस्तावेज, सील सिक्के, फोटोग्राफ भी पर्यटकों के लिए रखे जाएंगे।
स्मारक का स्वरुप कैसा होगा। इसके लिए देश के प्रसिद्ध कंसलटेंटों की मदद ली जाएगी। आपको बता दे कि सालभर पहले मुख्यमंत्री ने अहिल्या स्मारक की घोषणा की थी, लेकिन छह माह तक जमीन नहीं मिल पाई थी। सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री को घोषणा के बारे में याद दिलाई तो उन्होंने हेलीकाप्टर भेज कर ताई को भोपाल बुलवाया और जमीन तय कर उसे ट्रस्ट को सौंपनेे के बारे में अफसरों को निर्देश दिए।
नगर निगम राजवाड़ा पर अहिल्या लोक का निर्माण करा रहा था। इसकी घोषणा भी की गई थी, लेकिन पिछली महापौर परिषद बैठक में अहिल्या लोक नहीं बनाने पर सहमति बनी।