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इंदौर: पहले दिन धीमी रही वैक्सीनेशन की रफ्तार... एक स्कूल में पहुंचे ज्यादा बच्चे मगर वैक्सीनेशन स्टाफ था कम

Mon, 03 Jan 2022 06:11 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

वैक्सीनेशन के दौरान कहीं-कहीं अव्यवस्थाएं भी सामने आईं। कुछ केंद्रों पर वैक्सीनेशन टीम देर से पहुंची, इस कारण थोड़ी देर से वैक्सीनेशन शुरू हो सका। इंदौर में वैक्सीनेशन पहले दिन धीमा रहा।
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इंदौर में इस तरह की गई सजावट और स्वागत - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोरोना से जंग को जीतने के लिए सोमवार से बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हुआ। 15 से 18 वर्ष के छात्र-छात्राओं को वैक्सीन लगाई गई। बच्चों में इसके लिए उत्साह दिखा। हालांकि शुरुआत में थोड़ा डर जरूर लगा, लेकिन बाद में सबकुछ सामान्य रहा। वैक्सीनेशन के दौरान कहीं-कहीं अव्यवस्थाएं भी सामने आई। कुछ केंद्रों पर वैक्सीनेशन टीम देर से पहुंची, इस कारण थोड़ी देर से वैक्सीनेशन शुरू हो सका। इंदौर में वैक्सीनेशन पहले दिन धीमा रहा।
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दरअसल सोमवार  से 15 से 18 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ। प्रशासन ने इसको लेकर पहले ही तैयारियां की थी। पहले दिन करीब 55 हजार छात्र-छात्राओं को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य था। वैक्सीनेशन के लिए 289 केंद्र बनाए गए थे। शहरी क्षेत्र में 172 और ग्रामीण क्षेत्र में 117 केंद्र बनाए गए। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक वैक्सीनेशन का समय तय किया गया लेकिन कुछ केंद्रों पर वैक्सीनेशन देरी से शुरू हुआ। ऐसे कुछ स्कूल रहे जहां छात्र-छात्राएं तय समय पर पहुंच चुके थे मगर वैक्सीनेशन की टीम थोड़ी देर से पहुंची। हालांकि अधिकांश स्थानों पर तय समय पर ही वैक्सीनेशन शुरू हुआ और किसी तरह की समस्या नहीं आई। वैक्सीनेशन के लिए सुबह ज्यादा भीड़ नजर आई। दोपहर बाद कई केंद्रों पर कम ही भीड़ रही। अधिकांश छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया था तो कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन करवाया। दोपहर तक की स्थिति में इंदौर में 12565 छात्र-छात्राओं को ही वैक्सीन लग सकी थी। इसके बाद शाम तक धीरे-धीरे ही वैक्सीनेशन हुआ।

वैक्सीनेशन के लिए नहीं था पर्याप्ट स्टाफ
वैक्सीनेशन को लेकर कुछ केंद्रों पर अव्यवस्था भी सामने आई। इंदौर के संयोगितागंज क्षेत्र स्थित एक स्कूल में वैक्सीन लगवाने के लिए एक साथ 500 बच्चे पहुंच गए। वहां वैक्सीन लगवाने के लिए पर्याप्ट स्टाफ नहीं था। कुछ बच्चों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन भीड़ कम नहीं हुई। जब मामला कलेक्टर तक पहुंचा तो उन्होंने संबंधितों को फटकार लगाई और स्कूल में वैक्सीनेशन टीम भेजी। इसके चलते यहां देरी से वैक्सीनेशन शुरू हुआ। ऐसे ही कुछ अन्य केंद्र रहे जहां थोड़ी अव्यवस्था हुई। 
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किसी ने कहा- नहीं लगा डर तो कोई बोला शुरुआत में था संकोच
वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे छात्र-छात्राओं ने बताया कि सुरक्षा के लिए वैक्सीन जरूरी है। दसवीं के छात्र सार्थक ने कहा कि माता-पिता से वैक्सीनेशन की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा था कि वैक्सीन से किसी तरह का खतरा नहीं है बल्कि यह जरूरी है। अपने दोस्तों से भी इस बारे में बात की और आज सबने वैक्सीन लगवाई। नौवीं की छात्रा महिमा ने कहा कि वैक्सीन से किसी तरह का डर नहीं है। सबको लगवाना चाहिए। हमको बताया था कि आधार कार्ड लेकर आना है। रजिस्ट्रेशन के लिए फोन लेकर आना है। खाना खाकर आना है। अपनी सहेलियों के साथ वैक्सीन लगवाने पहुंची। इसी तरह अन्य छात्र-छात्राओं ने भी कहा कि वैक्सीन को लेकर शुरुआत में थोड़ा डर जरूर था लेकिन बाद में सबकुछ सामान्य रहा। छात्र-छात्राओं को कोवैक्सीन लगाई जा रही है। पहले व दूसरे डोज के बीच का समय अंतराल 28 दिन का है। 28 दिन के बाद छात्र-छात्राओं को दूसरा डोज लगेगा। 
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