स्वच्छता में दूसरी बार नंबर वन का खिताब पाने के बाद इंदौर अब ठोस कचरा प्रबंधन में भी पहले पायदान पर आया है। सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायर्नमेंट (सीएसई) ने देश के प्रमख 20 शहरों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के मूल्यांकन के बाद एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले बड़े शहरों की श्रेणी में इंदौर को पहला स्थान मिला है।
आपको बता दें कि मूल्यांकन रिपोर्ट में 12 मानकों के आधार पर फाइव लीव्स अवार्ड दिए गए। इनमें इंदौर को फोर लीव्स अवार्ड दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अवार्ड के लिए तय किए गए मापदंडों में कलेक्शन, वेस्ट सेग्रिगेशन व प्रोसेसिंग के आधार पर शहरों को रैंकिंग दी गई है।
इस मामले में सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायर्नमेंट के वेस्ट मैनेजमेंट क्षेत्र की प्रोग्राम मैनेजर स्वाति सिंह सामब्याल ने कहा कि बड़े शहरों के मुकाबले छोटे शहरों में वेस्ट मैनेजमेंट करना आसान होता है। इसी कारण छोटे व मध्यम श्रेणी के शहरों को फाइव लीव्स मिले हैं। वहीं, इंदौर बड़े शहरों की श्रेणी में पहले स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि इंदौर में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और इसके लिए इन्फोर्समेंट की जरूरत है। मौजूदा समय में इंदौर में सेंट्रलाइज वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट है। अब वेस्ट मैनेजमेंट के लिए प्रमुख कॉलोनियों व रहवासी इलाकों में डी सेंट्रलाइज सिस्टम तैयार करने की आवश्यकता है।
तीन श्रेणियों में तय की गई शहरों की रैंकिंग :
बड़े शहर- (10 लाख से ज्यादा आबादी)
1. इंदौर (मध्य प्रदेश)
2. मैसूर (कर्नाटक)
3. ग्रेटर हैदराबाद (तेलंगाना, आंध्रप्रदेश)
मध्यम शहर- (1 लाख से 10 लाख की आबादी)
A. अजप्पुझा (केरल)
B. त्रिवेंद्रम,(केरल)
C. गंगटोक (सिक्किम)
छोटे शहर- (एक लाख से कम आबादी)
1. वेनगुरला (महाराष्ट्र)
2. पंचगनी (महाराष्ट्र)
3. बोबीली (आंध्रप्रदेश)