पुलिस के साथ नाबालिग, जिसे बाद में बुआ के सुपुर्द किया
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पश्चिम बंगाल से 16 साल की किशोरी इंदौर पहुंच गई। यहां होटल में रूकी तो मैनेजर ने पुलिस को खबर की। पुलिस ने किशोरी से पूछताछ की तो उसने कहा कि आजादी की तलाश में बंगाल से इंदौर आई हूं। पुलिस ने बाद में किशोरी की बुआ को बुलाया और उसके सुपुर्द किया।
जानकारी के मुताबिक एमजी रोड थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग राजवाड़ा क्षेत्र में होटल में कमरा लेने के लिए भटक रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को नाबालिग की तलाश में लगाया और उसे ढूंढ लिया। पूछताछ की तो उसने बताया कि उसकी उम्र 16 साल है और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रहती है। 7 फरवरी को वह फ्लाइट से इंदौर पहुंची थी। वह रुकने के लिए होटल की तलाश कर रही थी। नाबालिग की काउंसलिंग की तो पता चला कि उसके माता-पिता के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है और दोनों आठ साल अलग रहते हैं। पिता दुबई में रहकर नौकरी करते हैं और मां मुंबई में रहती है। मुर्शिदाबाद में नाबालिग अपनी बुआ के घर रह रही है। वह नौकरी करने के लिए इंदौर आई थी, 9 फरवरी को उसकी सहेली भी आने वाली थी। पिता ने खर्च के लिए एटीएम दे रखा है। कुछ दिन पहले ही उसने एक महंगा मोबाइल भी खरीदा था। इसी के जरिये फ्लाइट की टिकट भी बुक करवाई थी। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय थाने पर संपर्क किया और सहेली को इंदौर आने से रोकने के लिए कहा। बुधवार शाम मुर्शिदाबाद से नाबालिग की बुआ इंदौर पहुंची। पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए नाबालिग के पिता से उसकी बात करवाई।
आठ साल से अलग रह रहे माता-पिता
बताया जा रहा है कि इंदौर पहुंचने के बाद नाबालिग इंदौर में रुकने के लिए कुछ होटलों में गई। एक-दो होटलों में उसकी उम्र देखकर कमरा देने से मना कर दिया गया। एक होटल ने उसे संदिग्ध मानकर कमरा दे दिया। कमरा देने की औपचारिकता पूरी कर होटल मैनेजर ने एमजी रोड पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने वहां पहुंचकर पूछा कि इंदौर क्यों आई हो तो किशोरी ने बताया कि वह आजादी चाहती है। अपनी सहेली के कहने पर इंदौर रहने आई है। नाबालिग ने बताया कि उसके माता-पिता के बीच विवाद चल रहा है। इसी कारण दोनों 8 साल से अलग रह रहे हैं। नाबालिग मुर्शिदाबाद में अपनी बुआ के घर रह रही थी। वह भी अपने माता-पिता की तरह सबसे अलग रहना चाहती थी। पिता दुबई में एक निजी कंपनी में क्लर्क है। मां मुंबई रहती है। बेटी को पिता ने अपनी बहनों के सुपुर्द किया था। यहां 10वीं के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। सहेली ने कहा था कि इंदौर में नौकरी करेंगे और घर किराए से लेकर रहेंगे। इसी के चलते वह इंदौर आ गई। उसकी सहेली का 9 फरवरी का फ्लाइट का टिकट बुक था।