पिछले दिनों फोर फॉक्स रेस्टोरेंट बार में हुई मारपीट की घटना और आबकारी नियमों के उल्लंघन मामले में प्रशासन ने सख्ती की है। कलेक्टर मनीष सिंह ने इस मामले में आबकारी विभाग की उप निरीक्षक शालिनी सिंह को निलंबित कर दिया है। पलासिया क्षेत्र के सहायक जिला आबकारी अधिकारी बीके वर्मा को वर्तमान प्रभार से हटा दिया है। कहा जा रहा है कि यह बार अपने लायसेंसी नाम से अलग नाम से संचालित हो रहा था।
गौरतलब है कि 2-3 मई की रात फोर फॉक्स बार तय समय के बाद भी खुला पाया गया था। इस दौरान मारपीट की घटना भी हुई थी और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। बार में आबकारी विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची तो यहां रात 1.30 बजे भी शराब पीने और पिलाने का दौर जारी था। बार के संचालक संभव सक्सेना, संदीप शुक्ला और विक्रम बत्रा हैं। कलेक्टर ने बार का लायसेंस 15 दिन के लिए निलंबित किया था। बार में विवाद करने वाले इरफान अली उर्फ हैप्पी अली और रणवीर उर्फ रामन नेकिया के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई भी की गई थी। कलेक्टर ने आबकारी विभाग को सख़्त निर्देश दिए हैं कि इंदौर में संचालित विभिन्न शराब दुकानों और बार में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाएं। सभी पब और बार का संचालन आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा करना पाया गया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आबकारी अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि वे निगरानी बढाएं और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।
इधर इस बात की जानकारी भी मिली है कि विजय नगर क्षेत्र के मल्हार मेगा मॉल में लाइट हाउस और टीडीएस बार में 21 साल से कम उम्र के बच्चों को शराब परोसने के मामले में भी प्रशासन कार्रवाई करेगा। कलेक्टर मनीष सिंह दोनों बार का लायसेंस निलंबित कर सकते हैं। आबकारी विभाग के जांच दल ने केस दर्ज करके फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी है।