मासूम बच्चियों पर मां के जुल्म की दास्तां जब सुनने वालों ने सुनी तो दिल पसीज गया। दिनभर काम करवाती और बदले में यातनाएं देतीं। पति से हुए विवाद की सजा मासूम बच्चियों को भुगतना पड़ रही थी। अपने ही घर में वे कैदियों की तरह रहती और मां जुल्म सहती रहतीं। चाइल्ड लाइन ने इन दोनों बच्चियों को मां की प्रताड़ना से मुक्त करवाकर पिता और दादी के पास भेजा।
दरअसल मां की निष्ठुरता की यह दास्तां खजराना क्षेत्र की है जहां चाइल्ड लाइन की टीम पहुंची थी। जानकारी के मुताबिक खजराना क्षेत्र में पति-पत्नी के विवाद का मामला सामने आया। विवाद के चलते दोनों छह माह से अलग रह रहे थे। दंपति की छह व सात साल की दो बच्चियां हैं। दोनों मां के साथ रहती थीं जबकि पति अपनी मां के साथ ऱहता था। चाइल्ड लाइन को जानकारी मिली थी कि बच्चियां मां से परेशान हैं। इस पर चाइल्ड लाइन की टीम मां के घर पहुंची। यहां दोनों बच्चियों के बयान लिए। बच्चियों ने बताया कि मां के साथ नहीं रहना चाहती। वो बहुत काम करवाती है। खाना भी नहीं देती। हमें पापा और दादी के पास जाना है। सात साल की बच्ची के चेहरे पर फफोले थे। उससे पूछा तो बताया कि मां ने उसे पूड़ी तलने का कहा था। इसी दौरान गर्म तेल चेहरे पर लग गया, जिसे चेहरा जल गया। टीम ने मां से पूछताछ की तो वह ठीक से जवाब नहीं दे सकी। बाद में चाइल्ड लाइन की टीम महिला और बच्चियों को लेकर थाने पहुंची। बच्चियों का मेडिकल करवाया और चेहरे का उपचार शुरू करवाया। महिला से पूछताछ में यह बात सामने आई कि पति से आएदिन विवाद होता था। इसके चलते छह माह पहले दोनों अलग हो गए थे। बच्चियों को अपने पास रखा था। पुलिस ने महिला के पति और सास को भी थाने बुलाया। बच्चियां उनके साथ रहने की जिद करने लगी औऱ कहने लगी कि मां के साथ नहीं रहेंगे, बहुत काम करवाती है। इसके बाद मामला बाल कल्याण समिति के पास भेजा जहां सभी के बयान हुए और बच्चियों की सहमति के बाद दोनों को पिता व दादी को सौंप दिया।