पिछले साल मई महीने में 500 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे और इस बार भी वही हो रहा है। 24 घंटे में 517 नए मरीज मिले हैं। इनमें 65 मरीज ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट दोबारा पॉजिटिव आई है। संक्रमण की दर 5 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
पिछले साल अप्रैल-मई माह में कोरोना की दूसरी लहर ने जो कोहराम मचाया था वैसा ही कुछ अब देखने को मिल रहा है। हालांकि जैसे भयावह हालात उस समय थे वैसे तो अभी नहीं हैं मगर कोरोना केस बढ़ रहे हैं। पिछले साल मई महीने में 500 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे और इस बार भी वही हो रहा है। 24 घंटे में 517 नए मरीज मिले हैं। इनमें 65 मरीज ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट दोबारा पॉजिटिव आई है।
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संक्रमण की दर लगातार बढ़ रही है और चिंता भी बढ़ने लगी है। 1 जनवरी को जहां 80 मरीज मिले थे तो 5 जनवरी को 512 मरीज मिले हैं। विशेषज्ञ जनवरी माह के अंत तक ही तीसरी लहर की आशंका जता चुके हैं ऐसे में इंदौर के हालातों को देखते हुए कहा जा रहा है कि तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। अब इससे कैसे निपटना है यह चुनौती बनी हुई है। मास्क को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है और थोड़ी बहुत पाबंदियां भी बढ़ाई जाएंगी लेकिन इससे कितना सुधार होगा यह कहना अभी भी मुश्किल ही है। दरअसल नए साल की शुरुआत कोरोना के लिहाज से चिंताजनक रही है। इस हफ्ते एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब कोरोना की ओर से राहत मिली हो बल्कि रोज मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अब 512 नए मरीज मिले हैं और एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1270 हो गई है। इसे देख अब प्रशासन चिंतित हो गया है। नए मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं है लिहाजा उनको होम आइसोलेट किया जा रहा है लेकिन संक्रमण की दर जिस तरह से बढ़ रही है उसके चलते अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में सुविधा संसाधनों पर ध्यान दिया जा रहा है। बुधवार देर रात को जारी बुलेटिन के हिसाब से देखें तो अब संक्रमण की दर 5 प्रतिशत से अधिक हो गई है।