फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कीर्तिमान: 'वाटर प्लस' शहर में पहले स्थान पर आया इंदौर, सीवर की गंदगी रोक हासिल किया यह मुकाम

Thu, 12 Aug 2021 10:38 AM IST
प्रशांत झा कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी के नाम से मशहूर इंदौर नए-नए कीर्तिमान हासिल करने के लिए जाना जाता है। शहर ने अब एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। इंदौर को देश का पहला वाटर प्लस शहर घोषित किया गया है। 84 शहरों में हुए सर्वे में इंदौर पहले नंबर पर आया है।  मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों ने शहरवासियों को बधाई दी है। 
विज्ञापन
वाटर प्लस में इंदौर नंबर वन - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 इंदौर शहर हमेशा कुछ नया करने के लिए जाना जाता है। चाहे वह साफ-सफाई की बात हो या फिर प्रदूषण में लगातार गिरावट का मामला। स्वच्छता में चार बार से देश में नंबर वन का तमगा हासिल कर चुका शहर अब एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है। इंदौर को देश का पहला वाटर प्लस शहर घोषित किया गया है। सीवेज वाटर के बेहतर प्रबंधन वाले शहरों में इंदौर पहले नंबर पर आया है। यह प्रामणपत्र मिलने के बाद इंदौर का सफाई में लगातार 5वीं बार नंबर 1 आने का दावा मजबूत हो गया है।

विज्ञापन


दरअसल, वाटर प्लस का प्रमाण-पत्र उन शहरों को दिया जाता है, जो नदियों और नालों में सीवरों की गंदगी को नहीं जाने देता है। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से शहर को यह प्रमाण पत्र मिला है। इंदौर को यह सर्टिफिकेट मिलने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही शहर के नागरिकों को बधाई दी है। वहीं, इंदौर के प्रभारी मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी शहरवासियों को शुभकामनाएं दी है। 
 

सभी पैमाने पर खरा उतरा इंदौर
वाटर प्लस का प्रमाण-पत्र उन शहरों को मिलता है, जिन्होंने ओडीएफ डबल प्लस के सभी मानकों को पूर्ण किया हो। साथ ही आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले अवशिष्ठ मल-जल को उपचार के बाद ही पर्यावरण में छोड़ा जाता हो। जो शहर इन मानकों पर खरा उतरता है उन्हें ही वाटर प्लस शहर का पुरस्कार दिया जाता है। इंदौर इन सभी पैमानों पर खरा उतरा और देश में पहला वाटर प्लस शहर बनकर एक बार फिर इतिहास रच दिया।  
विज्ञापन


84 शहरों ने किया था आवेदन
गौरतलब है कि वाटर प्लस की चयन प्रक्रिया में देश के 84 शहरों ने आवेदन किए थे, शहरी विकास मंत्रालय के पैमाने पर सिर्फ 33 शहर ही उतर पाए, जिसमें इंदौर ने नंबर वन का पुरस्कार जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। स्वच्छता भारत मिशन शहरी के अंतर्गत देश के शहरों का विभिन्न स्वच्छता मानकों के आधार पर परीक्षण किया जाता है। इसमें ओडीएफ प्लस, ओडीएफ डबल प्लस और वाटर प्लस की श्रेणियां हैं।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें