इंदौर से दुबई जाने वाली फ्लाइट में चढ़ने वाले पांच यात्री कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। एयरपोर्ट पर हुई जांच में इसकी पुष्टि हुई। इसके बाद पांचों को फ्लाइट में जाने से रोक दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। इनमें से तीन भोपाल व दो इंदौर के हैं। इनमें 37 वर्षीय गर्भवती महिला भी शामिल है।
जानकारी के मुताबिक इंदौर से दुबई के लिए साप्ताहिक फ्लाइट चलती है। बुधवार को यह फ्लाइट जाने वाली थी। इसके लिए करीब 95 यात्रियों ने बुकिंग करवाई थी जिनमें 17 बच्चे शामिल थे। फ्लाइट रवाना होने से पहले सभी यात्री सुबह करीब नौ बजे एयरपोर्ट पहुंचे जहां कोरोना जांच हई।
खातीवाला टैंक निवासी 51 वर्षीय व्यक्ति और बिजलपुर क्षेत्र के 59 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके अलावा भोपाल निवासी एक परिवार के तीन लोग पॉजिटिव पाए गए। इनमें 67 वर्षीय बुजुर्ग, 37 वर्षीय महिला और 17 वर्षीय किशोर शामिल हैं। एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। सूचना के आधार पर एयरपोर्ट पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को पांचों पॉजिटिव यात्री सौंप दिए गए।
नहीं लगवाई थी वैक्सीन
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका कौरव ने पीटीआई को बताया कि भोपाल की एक महिला छह महीने की गर्भवती है, उसने कोविड -19 वैक्सीन की एक भी खुराक नहीं ली थी, जबकि अन्य चार संक्रमित यात्रियों को टीका लगाया गया था। उन्होंने कहा कि संक्रमित यात्रियों के बारे में इंदौर, बड़वानी और भोपाल के प्रशासन को सूचित किया जा रहा है।
ऐसा पहली बार हुआ है जब एक ही फ्लाइट में एक साथ पांच यात्री पॉजिटिव आए हैं। इससे पहले चार यात्री अलग-अलग उड़ानों में पॉजिटिव पाए गए थे। पहला मामला 15 सिंतबर को आया था, जब एक युवक पॉजिटिव मिला था। वहीं इसके बाद 13 और 27 अक्टूबर और 29 दिसंबर को एक-एक महिला यात्री पॉजिटिव पाई गई थी।
गौरतलब है कि उक्त फ्लाइट दोपहर 12:35 पर इंदौर से रवाना होने वाली उड़ान पहले बेंगलुरु से यात्री को लेकर यहां आती है, यहां से अन्य यात्री सवार होते हैं, फिर यह उड़ान दुबई पहुंचती है। गौरतलब है कि अब तक उड़ान में जाने वाले कुछ यात्री पॉजिटिव आ चुके हैं। वहीं वहां से आने वाले यात्रियों की कोई जांच नहीं होती है, केवल उड़ान कंपनी एयर इंडिया किन्हीं दो यात्रियों कि एयरपोर्ट पर रैंडमली जांच करवाती है। बीते बुधवार को दो यात्री एयरपोर्ट से भाग गए थे। इन दोनों यात्रियों को चिन्हित किया गया था, लेकिन अब तक इनका पता नहीं चल पाया हैं।