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इंदौर: आखिरकार तय हो गई इंदौर गौरव दिवस की तारीख, 31 मई को मनाया जाएगा गौरव दिवस, हफ्तेभर होंगे आयोजन

Sat, 19 Mar 2022 07:07 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर का गौरव दिवस देवी अहिल्याबाई की जयंती 31 मई को मनाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की बैठक में इस तारीख पर सहमति बन गई है। इस तरह लंबे समय से चला आ रहा संशय अब खत्म हो गया और तमाम अटकलों पर विराम लगा। 
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गौरव दिवस को लेकर हुई थी बैठक मगर नहीं बन सकी थी सहमति। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शहर के गौरव दिवस को लेकर सहमति बन गई है। 31 मई को इंदौर का गौरव दिवस मनाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की बैठक में इस तारीख पर सहमति बनी है। अब इसके बाद यह तय हो गया है कि इसी तारीख को इंदौर का गौरव दिवस मनाया जाएगा और पूरे सप्ताह तक आयोजन होंगे।
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दरअसल, मुख्यमंत्री ने कहा था कि हर शहर अपना जन्मदिन मनाएं। इंदौर का गौरव दिवस मनाए जाने को लेकर खूब चर्चा हुई और यह बात सामने आई कि आखिर गौरव दिवस कब मनाएं। इसके लिए बैठक रखी गई। बैठक में शहर के प्रबुद्धजन, इतिहासविद, समाजों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि व अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे। इसमें सबने अलग-अलग तारीख बताई। अधिकांश ने 31 मई का सुझाव दिया। इसी दौरान विधायक रमेश मेंदोला ने इंदौर का नाम बदलने का सुझाव दे दिया तो कवि सत्यनारायण सत्तन नाराज हो गए। सत्तन ने कहा कि शहर का नाम बदलना अपने माता-पिता का नाम बदलने जैसा है। अन्य मामलों में भी कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। इसके बाद पूर्व लोकसभा अध्य़क्ष सुमित्रा महाजन की अध्य़क्षता में एक कमेटी बनाई गई। तय किया गया कि यह कमेटी जिस तारीख को सुझाएगी उसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

ताई ने लिखा पत्र, 20 जनवरी का दिया सुझाव
यह सब चल ही रहा था कि सुमित्रा महाजन (ताई) के प्रस्ताव ने नई बहस को जन्म दे दिया। महाजन ने सीएम शिवराज सिंह को पत्र लिखा कि इंदौर का जन्म दिन 20 जनवरी को मनाया जाए।  इसमें पेशवा द्वारा 20 जनवरी 1734 को मालवा सहित इंदूर की खासगी जागीर सूबेदार मल्हाराव की पत्नी गौतमाबाई के नाम पर करने का उल्लेख था और इस तिथि को गौरव दिवस के रूप में मनाने का आग्रह किया था। हालांकि महाजन के इस प्रस्ताव पर  विरोध के स्वर भी उठे थे कि यह तारीख किसी भी लिहाज से सही नहीं है।
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देवी अहिल्याबाई होलकर - फोटो : सोशल मीडिया
31 मई को हुआ था अहिल्याबाई का जन्म
इंदौर के गौरव दिवस को लेकर मामला उलझता जा रहा था। इसी दौरान पिछले दिनों जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। यह तय हुआ कि देवी अहिल्याबाई की जयंती 31 मई को इंदौर गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। सप्ताहभर शहर में आयोजन होंगे। शहर की ऐतिहासिक इमारतों को सजाया जाएगा और विभिन्न तरह की स्पर्धाएं होंगी। बताया गया कि देवी अहिल्या का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंढी गांव में किसान परिवार के यहां हुआ था। उनका विवाह होलकर राजवंश के संस्थापन मल्हारराव के पुत्र खण्डेराव के साथ हुआ था। देवी अहिल्या ने मालवा स्टेट की सत्ता संभाली और कई तीर्थों पर मंदिर, घाट, धर्मशालाओं का निर्माण किया। हालांकि इस बैठक में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा दिए गए अन्य तिथियों के सुझाव पर भी चर्चा हुई, लेकिन सहमति अहिल्या जयंती पर ही बनी। बैठक में जो सदस्य मौजूद नहीं थे, उन्होंने फोन पर अपनी सहमति दी। 

गौरव दिवस की होगी ब्रांडिंग
बैठक में तय हुआ कि अहिल्याबाई ने कृषि, खेल, लोक प्रशासन, धर्म, व्यापार सहित अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए। गौरव दिवस के पहले शहर में सप्ताहभर आयोजन हों और इन क्षेत्रों में भी अलग-अलग सांस्कृतिक गतिविधियां होनी चाहिए। इसके अलावा शहर का नाम रोशन करने वाले लोगों का भी गौरव दिवस पर सम्मान होना होगा। बैठक में सांसद शंकर लालवानी, मंत्री उषा ठाकुर, महेंद्र हार्डिया, आकाश विजयवर्गीय, मधु वर्मा सहित आदि मौजूद थे। बैठक में यह बात सामने आई कि शहर के प्रमुख स्थलों को सजाया जाएगा। निजी संस्थाओं को भी आयोजनों की सहभागिता से जोड़ा जाएगा। सांस्कृतिक गतिविधियां के अलावा संगीत के आयोजन होंगे। गौरव दिवस की दूसरे प्रदेशों में भी ब्रांडिंग की जाएगी, ताकि पर्यटक भी गौरव दिवस से जुड़ी गतिविधियों में  शामिल होने के लिए इंदौर आ सके। शहर की प्रतिभाओं भी सम्मान किया जाएगा।
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