बाल विवाह रूकवाने की कार्रवाई करती टीम
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एक व्यक्ति ने अपनी दो नाबालिग बेटियों की शादी तय कर दी। 23 अप्रैल को शादी होने वाली थी लेकिन इसी बीच चाइल्ड लाइन को सूचना मिली और दोनों बेटियों की शादी रूकवाई। लड़कियों ने बताया कि उनकी मां नहीं है। पिता मारपीट करते हैं। हम पढ़ना चाहतीं हैं, शादी नहीं करना चाहतीं।
जानकारी के मुताबिक खुड़ेल क्षेत्र की मानसरोवर कॉलोनी में चाइल्ड लाइन की टीम पहुंची। सूचना मिली थी कि दो नाबालिग बेटियों की शादी उनकी मर्जी के खिलाफ की जा रही है। टीम ने वहां पहुंचकर दोनों बालिकाओं के आधार कार्ड देखे। एक की उम्र 15 साल व दूसरी की 17 साल थी। दोनों इंदौर के होस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहीं थीं। एक कक्षा नौवीं की छात्रा है तो दूसरी कक्षा 11वीं में पढ़तीं हैं। परिवार देवास के पास रहता है। एक लड़की की बारात देवास जिले के कमलापुर से आने वाली थी और दूल्हे की उम्र 24 साल थी। दूसरी बारात रमलखेड़ी से आ रही थी। दूल्हे की उम्र 23 साल निकली। यह बात पता चली कि परिजनों ने ही रिश्ता तय कर दिया था। लड़कियों ने लड़के नहीं देखे थे। बाद में चाइल्ड लाइन की टीम ने विवाह रूकवाकर पंचनामा बनाया। इस दौरान बालिकाओं ने बताया कि उनकी मां का निधन हो चुका है। सौतेली मां है। मां तो कुछ नहीं कहती लेकिन पिता मारपीट करते हैं। आप चले जाओगे तो हमें पीटेंगे क्योंकि उनको शक है कि हमने ही आपको बुलाया है। इस पर टीम ने पिता को समझाया। पिता ने कहा कि हमारे समाज में जल्द शादी करा देते हैं, इसलिए वे बेटियों की शादी कर रहे थे। उनको समझाया और मामला बाल कल्याण समिति को सौंपा। समिति ने बालिकाओं को शेल्टम होम भेजा। बालिकाओं ने टीम को बताया कि वे पढ़ना चाहतीं हैं। शादी करना नहीं चाहतीं। इसलिए यहां से ले चलो, वरना हमारी शादी कर देंगे।