मप्र उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर
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उच्च न्यायालय में सोमवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि के खिलाफ लगाई गई जनहित याचिका में सुनवाई हुई। फेसबुक, वाट्सएप ने अमेरिका से याचिका में अपना जवाब पेश किया। इन कंपनियों का कहना है कि नई गाइडलाइन तैयार करने का काम चल रहा है। इस पर कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ा दी।
दरअसल, इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म मसलन फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम, ट्विटर आदि को को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में याचिका दायर की गई है। इस पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। फेसबुक, वाट्सएप ने अमेरिका से अपना जवाब भेजा। इसमें कहा कि याचिका 2011 की गाइडलाइन को चुनौती देते हुए दायर हुई है। इंटरनेट मीडिया को नियंत्रित करने के लिए नई गाइडलाइन तैयार करने का काम चल रहा है। केंद्र सरकार यह गाइडलाइन बना रही है। संयुक्त संसदीय समिति इस पर काम शुरू भी कर चुकी है। इसलिए वर्तमान याचिका को निरस्त किया जाए। याचिकाकर्ता ने इसका विरोध करते हुए कोर्ट से कहा कि वे इसका प्रतिउत्तर प्रस्तुत करना चाहते हैं। कोर्ट ने इसकी अनुमति देते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी। गौरतलब है कि यह जनहित याचिका संस्था मातृ फाउंडेशन की ओर से एडवोकेट अमेय बजाज ने दायर की है। इसमें कहा है कि इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन जुआ, आर्थिक धोखाधड़ी सिखाई जा रही है। इससे लोगों की निजता भंग हो रही है। ये प्लेटफॉर्म सांप्रदायिक हिंसा फैलाने से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट फैलाते हैं। इन पर अश्लीलता भरे फोटो व वीडियो की भरमार है। कॉपीराइट व ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने के साथ-साथ ये प्लेटफॉर्म सरकार, सुरक्षा बल, न्यायपालिका व देश की धरोहरों का मजाक बना रहे हैं। सोमवार को कंपनियों की तरफ से कोर्ट को यह भी बताया गया कि इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका चल रही है।