मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस संकट के कारण बंद किए गए धार्मिक स्थलों को दोबारा खुलने की अनुमति मिल गई है। इंदौर प्रशासन ने सोमवार को कहा कि श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक स्थलों को दोबारा खुलने की अनुमति दे दी गई है। इनके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। धार्मिक स्थलों में एक बार में सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को प्रवेश देने की बात कही गई है। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
जिलाधिकारी मनीष सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि धर्मस्थलों में हर श्रद्धालु को मास्क पहनना और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना अनिवार्य रहेगा। इसके साथ ही, मंदिरों के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश की मनाही रहेगी। यह मंजूरी हालांकि ऐसे वक्त दी गई है, जब जिले में कोविड-19 का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
सर्राफा चाट-चौपाटी को भी खुलने की मंजूरी
इसके साथ ही शहर की प्रसिद्ध सर्राफा चाट-चौपाटी को दोबारा खोलने को भी मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, महामारी के प्रकोप के मद्देनजर इन रात्रिकालीन चाट-चौपाटी की दुकानों में ग्राहकों को खाने-पीने की चीजें पहले की तरह परोसे जाने की अनुमति नहीं दी गई है। ग्राहक यहां से खाने-पीने की चीजें पैक कराते हुए अपने साथ ले जा सकेंगे।
इंदौर, राज्य में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंदौर जिले में अब तक महामारी के 23,075 मरीज मिले हैं। इनमें से 551 मरीजों की मौत हो चुकी है। जिले में कोविड-19 के प्रकोप की शुरूआत 24 मार्च से हुई, जब पहले चार मरीजों में इस महामारी की पुष्टि हुई थी।