मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है होशंगाबाद जिला। इस जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। लेकिन यहां खाकी वर्दी शिक्षकों की कमी पूरी कर रही है।
केंद्र की विद्यांजलि परियोजना से प्रेरणा लेते हुए स्थानीय पुलिस इस कमी को पूरा कर रही है। होशंगाबाद के पुलिस अधीक्षक एपी सिंह ने इस परियोजना की शुरुआत की। वो यहां के एसएनजी स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में 10 वीं के छात्रों को अंग्रेजी और नैतिक शिक्षा पढ़ाते है।
वहीं जिले के एडिशनल एसपी शशांक गर्ग भी एक अन्य स्कूल में पढ़ाते हैं। दिल्ली के हंसराज कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर 2010 बैच में आईपीएस अफसर बनने वाले एपी सिंह कहते हैं कि पहल शुरू कर दी गई है और अब इसे पूरे जिले में फैलाया जाएगा। ताकि यह बात सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों की पढ़ाई के दौरान शिक्षकों की कमी आड़े न आए।
पुलिस ने ऐसे 23 स्कूल खोजें हैं जहां शिक्षकों की कमी है। वहां 90 पुलिस अधिकारियों की टीम पहली से 12 वीं तक के छात्रों को पढ़ाने का काम करती है। सभी 90 अधिकारी जिसमें कांस्टेबल और एडिशनल एसपी शामिल हैं वो सुबह 8 से दोपहर के 1 बजे तक पढ़ाने का काम करते हैं।
एसपी ने कहा कि यह पहल सिर्फ इसलिए नहीं शुरू की गई है कि यह बता सकें कि शिक्षकों की कमी है, जबकि यह इसलिए शुरू किया गया है ताकि देश के भविष्य पुलिस से आसानी से जुड़ पाएं और फोर्स केबार में जानकारी रखें। हम उनके दोस्त और शिक्षक रहेंगे ताकि उनका शैक्षणिक जीवन सुधर सके।
Published By Rahul Sankrityayan