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एमपी: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में हरपालपुर के मजदूर की मौत, शव पहुंचते ही मचा कोहराम; फूट-फूटकर रोया परिवार

Wed, 09 Sep 2026 08:52 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने से हरपालपुर के 37 वर्षीय मजदूर परमलाल कोरी की मलबे में दबकर मौत हो गई। शव घर पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया। परमलाल परिवार का इकलौता कमाने वाला था, परिजनों ने मुआवजे की मांग की।
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मृतक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी हॉस्टल की बिल्डिंग गिरने के हादसे में हरपालपुर निवासी 37 वर्षीय मजदूर परमलाल कोरी की मौत हो गई। हादसे के वक्त परमलाल बिल्डिंग के बेसमेंट में मजदूरी कर रहा था। मलबे में दबने से उसकी जान चली गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद प्रशासन की मदद से एंबुलेंस से उसका शव हरपालपुर स्थित घर लाया गया। शव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। शाम को गमगीन माहौल में नगर के श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया।

पत्नी गले में पति के नाम की तख्ती लेकर तलाशती रही

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परिजनों के मुताबिक, परमलाल कोरी कई साल से दिल्ली में रहकर मजदूरी करता था। वह अपनी पत्नी और पांच साल के बेटे के साथ सफदरजंग इलाके में रहता था। रविवार दोपहर घर पर खाना खाने के बाद वह दोबारा काम पर गया था। कुछ ही देर बाद सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की सूचना मिली। हादसे की जानकारी मिलते ही पत्नी अपने पति की तलाश में जुट गई। वह गले में पति का नाम लिखी तख्ती डालकर मलबे के आसपास उसे खोजती रही। अगले दिन परिजनों को परमलाल की मौत की जानकारी मिली।

शव पहुंचा तो पत्नी, बेटे और मां का रो-रोकर बुरा हाल
मंगलवार को जैसे ही परमलाल का शव वार्ड नंबर-4 स्थित घर पहुंचा, परिजनों का दर्द फूट पड़ा। पत्नी, पांच साल के बेटे और वृद्ध मां का रो-रोकर बुरा हाल था। जवान बेटे की मौत से मां बेसुध हो गई। परिवार को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग घर पहुंचे। पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल रहा।

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परिवार में इकलौता कमाने वाला था परमलाल
परिजनों ने बताया कि परमलाल परिवार में कमाने वाला एकमात्र सदस्य था। वह दिल्ली में मजदूरी कर पत्नी, बेटे और वृद्ध मां का भरण-पोषण करता था। हरपालपुर में उसका परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहता है। परमलाल की अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पत्नी और पांच साल के बेटे के भविष्य को लेकर परिजन चिंतित हैं।

अभी तक नहीं मिला मुआवजा

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परिजनों का कहना है कि हादसे में परमलाल की मौत के बाद अभी तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और मृतक ही घर का एकमात्र सहारा था। परिजनों ने प्रशासन से मृत मजदूर के परिवार को आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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