नाइट विजन और थर्मल सेंसर ड्रोन कैमरों से दुष्कर्मी की तलाश जारी
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हरदा जिले में एक मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपी सुनील की तलाश कर रही है। इसी बीच आरोपी के घने जंगलों में छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने नाइट विजन और थर्मल सेंसर से युक्त ड्रोन कैमरों की व्यवस्था की है, जिसके जरिए किसी भी मानवीय संरचना को घने जंगलों के बीच अंधेरी रात में भी आसानी से तलाश किया जा सकता है।
गौरतलब है कि आरोपी की तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगातार जुटी हुई हैं और उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। इसी बीच पुलिस को ट्रेन के जरिए आरोपी सुनील के भागने की भी सूचना मिली थी, जिस पर जिले के हरदा और खिड़कियां रेलवे स्टेशन पर पुलिस के साथ ही आरपीफ और जीआरपी को एक्टिव किया गया था। साथ ही जीआरपी के जवानों ने हरदा से इटारसी तक जाने वाली काशी ट्रेन में सर्चिंग भी की थी, जिसके बाद अब ड्रोन कैमरे की सहायता से पुलिस आरोपी की तलाश में लगी हुई है।
ज्ञात हो कि बीते दिनों छीपाबड़ थाना अंतर्गत आने वाले एक गांव में मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी, जिसमें आरोपी ने बालिका को कुरकुरे दिलाने के बहाने साथ ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे बेहोशी की हालत में नदी किनारे छोड़कर भाग खड़ा हुआ था। घटना के बाद से ही जिले भर में आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा मचा हुआ है और सभी समाजों ने विरोध जताते हुए कई ज्ञापन भी सौंपे हैं।
घटना के बाद आरोपी की गिरफ्तारी और उसके घर पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर कई घंटे तक नगर की सड़कों के साथ ही स्टेट हाईवे भी जाम किया गया था। हालांकि पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब 48 घंटे से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसे लेकर पुलिस की पांच टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं।
आरोपी के जंगलों में छुपे होने की जानकारी मिलने के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर आदित्य प्रताप सिंह ने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम के अधिकारियों से चर्चा कर नाइट विजन और थर्मल इमेज की सुविधायुक्त ड्रोन कैमरे की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि ड्रोन कैमरे के माध्यम से रात के अंधेरे में भी किसी भी व्यक्ति को आसानी से चिन्हित किया जा सकता है। इसी के चलते गुरुवार रात से ही इस कैमरे की मदद से अपराधी को खोजने का काम शुरू भी कर दिया गया है।