स्कूली पाठ्यक्रमों में "हैप्पीनेस" विषय के रूप में होगा शामिल (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल की कक्षाओं के पाठ्यक्रम में ‘हैप्पीनेस’ को एक विषय के रूप में शामिल करने पर विचार कर रही है। राज्य आनंद संस्थान (राज्य खुशी विभाग) के सीईओ अखिलेश अर्गल के अनुसार कक्षा 9 वीं से 12 वीं के लिए इस विषय पर पुस्तकों का एक प्रारूप लगभग तैयार कर लिया गया है।
बता दें 2016 में मध्य प्रदेश ने खुशी विभाग स्थापित किया था। ऐसा करना वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। नवंबर में प्रदेश के 80 शिक्षकों/ प्रशिक्षकों को इस विषय पर एक प्रेजेंटेशन दिया थ। वहीं कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के 80 छात्रों के साथ पांच दिनों तक बातचीत और हैप्पीनेस बुक्स के प्रारूप पर चर्चा की। इस विषय पर छात्रों और शिक्षकों दोनों की प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही।
विभाग के सीईओ अर्गल ने कहा कि एमपी स्कूल शिक्षा विभाग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और अन्य संगठन परियोजना में उनकी मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "पुस्तकों को अंतिम रूप देने के बाद उन्हें मंजूरी के लिए राज्य शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के पास भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी विषयों के छात्रों के लिए यह विषय अनिवार्य होगा। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगा जहां इस विषय को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
पिछले साल दिसंबर में वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य आनंद संस्थान के कार्यों और राज्य द्वारा खुशी को विषय के रूप में पेश करने की योजना पर एक प्रेजेंटेशन भी दिया था।