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इमरती देवी का दर्द: लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष ने कहा- 2008 से विधायक थे, पार्टी बदली और हार गए

Sun, 09 Jan 2022 02:33 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की समर्थक और उनके साथ ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाली मप्र लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी का दर्द अब सामने आया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि 2020 में हमने पार्टी बदली इसलिए हारे। वरना कोई हमें नहीं हरा सकता था। 
 
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मप्र लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इमरती देवी इससे पहले कमलनाथ सरकार में मंत्री थी। सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हुई तो भी मंत्री पद मिला था। हालांकि, उपचुनावों में उन्हें भाजपा के टिकट पर हार का सामना करना पड़ा। दिसंबर 2021 में ही उन्हें पुनर्वास के तौर पर शिवराज सिंह चौहान सरकार ने मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम का अध्यक्ष बनाकर मंत्री का दर्जा दिया है। 
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ग्वालियर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हमारे अंदर वह शक्ति है, जिला पंचायत, पंचायत, नगर पालिकाएं, नगर निगम में 50% आरक्षण मिला है। लोकसभा और विधानसभा को छोड़कर हमें (महिलाओं को) आरक्षण मिला हुआ है। जब हम पुरुषों के साथ काम करते हैं तो उनकी भी सीट हम छीन लेते हैं। हम भी पुरुषों की सीट से विधायक रहे। हम 2004 में जिला पंचायत सदस्य बन गए थे। 2008 से अब तक विधायक रहे हैं। बीच में हम हार गए। हमने पार्टी बदल लई ना इसलिए। (2020 में भाजपा में शामिल हुई थी) नहीं तो हमें कोउ नहीं हरा पाते। 

जो विरोध करते थे, अब पैर छूने लाइन लगाते हैं
इमरती देवी ने कहा कि हम राजनीति में आए तो लोग बात करने लगे। हमें कोई असर नहीं पड़ा। जो लोग हमारे बारे में बात करते थे, वह आज इमरती देवी के पैर छूने के लिए लाइन लगाते हैं। ये हुनर हमारा होना चाहिए। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वह हमारे पैर छूने कब आएंगे, इस हुनर के साथ हमें काम करना चाहिए। 
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बिटिया का ट्रांसफर कराने आने लगे 
इमरती देवी ने इस दौरान एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति आए और कहने लगे कि बिटिया का ट्रांसफर कराना है। हमने पूछा कि कहां कराना है तो बोले-झांसी। हमने पूछा कि क्या करती है तो उन्होंने बताया कि ट्रेन की पायलट है। ट्रेन चलाती हैं। हमें बहुत अच्छा लगा। हमने उनसे कहा कि सुबह ग्वालियर जाएंगे तो सिंधिया जी से बात कर ट्रांसफर करवा देंगे। 
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