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Gwalior News: गार्ड की हत्या कर आठ लाख लूटे, बंदूक छीनकर भागे, छह दोषियों को आजीवन कारावास, जानें पूरा मामला

Fri, 30 May 2025 11:07 AM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

लूट के मामले में कोर्ट ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब छह साल पहले बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कुल 8.29 लाख रुपए की लूट में से 4.30 लाख रुपए जब्त किए थे।
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लूट के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्वालियर जिले में वर्ष 2019 में अलग-अलग संस्थानों से कैश लेकर जा रही एक निजी कंपनी की वैन को लूटने और गार्ड की हत्या करने के मामले में विशेष न्यायालय ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले में 6 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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दरअसल, फरियादी रितेश पचौरी ने कंपू पुलिस को बताया था कि वह गार्ड रमेश सिंह तोमर और वाहन चालक रंजीत के साथ वैन में सवार होकर निकला था। उसकी कंपनी अलग-अलग संस्थानों से कैश लेकर उन्हें निर्धारित स्थानों पर पहुंचाती है।घटना वाले दिन 6 जुलाई 2019 को वे सबसे पहले बीजी ब्रिज कंपनी पहुंचे, जहां से 74,474 रुपए लिए। इसके बाद प्रेम मोटर्स पहुंचे और 6.19 लाख रुपए लिए। फिर ऑफिस पहुंचे, जहां से 1,35,995 रुपए प्राप्त किए। जैसे ही वे सूमो गाड़ी में बैठे, तभी काले रंग की बाइक से तीन लोग आए और गाड़ी के आगे बाइक लगाकर एक ने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोलियां गार्ड रमेश सिंह तोमर को लगीं, जिससे उसकी मौत हो गई। वाहन चालक रंजीत की कमर में भी गोली लगी। आरोपी गाड़ी में रखे दोनों बैग लूट ले गए, जिनमें कुल 8,29,429 रुपए थे। वे वैन में रखी 12 बोर की दुनाली बंदूक भी साथ ले गए।

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जांच में सामने आया कि बाइक पर सवार नवीन शर्मा ने गोली चलाई थी, जिससे गार्ड की मौत हुई। उसके साथ बाइक पर आकाश बघेल और नवाब सिंह गुर्जर भी सवार थे। धर्मेंद्र, तपेश गौतम, रंजीत वाल्मीकि और शैलू तोमर घटनास्थल के आसपास रैकी कर रहे थे। शैलू तोमर को 12 जून 2020 को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। दोषी नवाब सिंह गुर्जर ने जेल से बाहर आने के लिए 12 बार जमानत याचिका दायर की, लेकिन सभी याचिकाएं खारिज हो गईं। उसकी आखिरी जमानत याचिका 21 अप्रैल 2025 को खारिज हुई थी।
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बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कुल 8.29 लाख रुपए की लूट में से 4.30 लाख रुपए जब्त कर लिए थे। धर्मेंद्र जाट, आकाश बघेल और तपेश गौतम हाथरस के निवासी हैं, जबकि शेष आरोपी ग्वालियर के रहने वाले हैं।

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