ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जहां पुलिस से मुखबिरी के शक में एक व्यक्ति की उसके ही भाई और भतीजों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस हमले में बीच-बचाव करने आए मृतक के बेटे और आरोपी की पत्नी भी घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक महाराष्ट्र के नांदेड़ निवासी शंकर उर्फ खारग पवार कुछ साल पहले मध्य प्रदेश के सेंधवा में रहने लगा था। कुछ महीने पहले वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ग्वालियर के मेला ग्राउंड इलाके में आकर बस गया था। रविवार को शंकर का भाई डेमपिया पवार, बेटा जगदीश पवार, भतीजा अंकुश पवार और आरोपी की पत्नी रेखा पवार उससे मिलने आए थे। बातचीत के दौरान अचानक ही जगदीश और अंकुश ने चाकू निकालकर शंकर पर हमला कर दिया।
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बचाने आए बेटे और आरोपी की पत्नी को भी चाकू लगे
अपने पिता को बचाने के लिए शंकर का बेटा योगेश और आरोपी की पत्नी रेखा आगे आए, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी चाकू मारकर घायल कर दिया। शंकर की हालत गंभीर थी, जिसे पुलिस ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल योगेश और रेखा को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
लेन-देन और मुखबिरी का शक बनी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों को शक था कि शंकर उनकी पुलिस को मुखबिरी करता था। इसी संदेह के चलते उन्होंने उसकी हत्या कर दी। वहीं, दूसरी कहानी यह भी सामने आई कि शंकर और आरोपियों के बीच लेन-देन का पुराना विवाद था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मृतक शंकर खुद भी आपराधिक प्रवृत्ति का था और उस पर हत्या सहित कई अन्य गंभीर मामले दर्ज थे।
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एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया, जबकि डेमपिया, जगदीश और रेखा पवार फरार हैं। सीएसपी मुरार राजीव जंगले के अनुसार, पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की गहन जांच की जा रही है।