सार
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ग्वालियर में शीतला मंदिर हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही, बिजली बिल, बेरोजगारी और अन्य मुद्दे उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने शीतला मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से उनके घर जाकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। पटवारी ने हादसे के लिए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
पटवारी ने कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है। उन्होंने जहरीली कफ सिरप, जहरीली शराब और जहरीले पानी से हुई मौतों का जिक्र करते हुए शीतला मंदिर हादसे को भी प्रशासनिक लापरवाही से जोड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी भारी भीड़ के बीच ट्रक मंदिर परिसर तक कैसे पहुंचा? प्रशासन की जिम्मेदारी किसकी थी और घटना के बाद कलेक्टर-एसपी अब तक अपने पदों पर क्यों बने हुए हैं?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को केवल संवेदना व्यक्त करने के बजाय जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को एयरलिफ्ट किए जाने के बाद भी अस्पताल में समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। पटवारी ने इसे सरकारी व्यवस्था की लापरवाही बताया।
दिग्विजय की अयोध्या यात्रा पर भाजपा को जवाब
दिग्विजय सिंह की अयोध्या यात्रा को लेकर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर पटवारी ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और आम लोगों की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर में बड़ी घटना हुई, लोगों की जान गई और करोड़ों लोगों ने चंदा व चढ़ावा दिया। ऐसे मुद्दों पर भी देश में चर्चा होनी चाहिए।
पढे़ं: इंदौर में 25.40 लाख की एमडी ड्रग्स के साथ ससुर-दामाद गिरफ्तार, दशहरा-दीपावली पर सप्लाई की थी तैयारी
सिंधिया के बिजली बिल पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल के बिजली बिल को लेकर भी पटवारी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर गरीब परिवारों को हजारों रुपये के बिजली बिल मिल रहे हैं, वहीं बड़े लोगों के बिजली बिल को लेकर अलग तस्वीर सामने आती है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए।
मोहन भागवत से भी मांगा जवाब
देश में युवाओं के आंदोलनों और बांग्लादेश व फ्रांस जैसे हालात पैदा करने के आरोपों पर पटवारी ने कहा कि संविधान लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और आंदोलन करने का अधिकार देता है। उन्होंने बेरोजगारी, नशे की समस्या, देश पर बढ़ते कर्ज और चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत से जवाब मांगा। पटवारी ने कहा कि आरएसएस राजनीति से दूरी की बात करती है, लेकिन राजनीतिक मुद्दों पर बयान भी देती है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान लोकतंत्र और बुराइयों के खिलाफ लड़ने की रही है।
2028 के चुनाव को लेकर पटवारी का बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़े 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम पर पूछे गए सवाल के जवाब में पटवारी ने कहा कि कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनाव में उस घटनाक्रम को याद रखेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी गलतियों में सुधार करने के लिए जनता के बीच जाएगी।