वन विभाग और पुलिस टीम पर हमला
- फोटो : अमर उजाला
वन विभाग टीम पर किया हमला...
एक साथ भीड़ द्वारा किए जा रहे इस अतिक्रमण की सूचना जैसे ही फॉरेस्ट विभाग के अफसरों को पहुंची, वे डिप्टी रेंजर संजय सक्सेना के नेतृत्व में अपना वन रक्षकों का अमला लेकर वहां पहुंचे। उन्हें देख भीड़ उन लोगों पर टूट पड़ी, उनके साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी की गई और उन्हें खदेड़ा भी गया। उन्होंने इस हालात की सूचना तत्काल अपने डीएफओ को दी और उन्होंने पुलिस के आला अफसरों को बताया। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा और अतिक्रमण कर रही भीड़ को खदेड़ा। फारेस्ट ने वहां से अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा छोड़ा गया सामान जप्त किया।
साल 2012 में किया गया था पौधारोपण...
बताया गया कि इस पहाड़ी को हरा भरा बनाने के लिए साल 2012 में समारोह पूर्वक इस पहाड़ी पर बड़ी संख्या में पौधरोपण किया गया था। इस अभियान के तहत 5,000 पेड़ लगाए गए थे, जो बेहतर संरक्षण से सभी जीवित भी थे। लेकिन अतिक्रमणकर्ताओं की भीड़ ने इनमें से पांच सौ से ज्यादा पेड़ काट दिए और हजारों को नुकसान पहुंचाया।
तीन सौ से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज...
बाद में डिप्टी रेंजर की शिकायत पर कम्पू थाना पुलिस ने इलाके के एक हिस्ट्रीशीटर पप्पू कंजा, अशोक और बिल्लो सहित तीन सौ से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, वन कर्मियों से अभद्रता, धमकी देने और अतिक्रमण का प्रयास करने का केस दर्जकर आरोपियों की शिनाख्तगी और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।