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Gwalior: म्यूल बैंक अकाउंट मामले में गुजरात-राजस्थान से 2 और गिरफ्तार,कियोस्क संचालक समेत 7 पहले से हिरासत में

Mon, 12 Jan 2026 10:27 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

ग्वालियर साइबर ब्रांच ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ कर गुजरात और राजस्थान से दो शातिरों को गिरफ्तार किया है, जो नाइजीरिया, चीन और कैमरून में बैठे साइबर ठगों को भारतीय बैंक खाते सप्लाई करते थे।
 
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ग्वालियर पुलिस की साइबर ब्रांच ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में पहले एमपी ऑनलाइन कियोस्क संचालक सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि अब पुलिस ने गुजरात और राजस्थान से दो और आरोपियों को पकड़ा है, जो नाइजीरिया, चीन और कैमरून में बैठे साइबर अपराधियों को भारतीय बैंक खाते बेचने का काम करते थे।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुजरात के शैलेन्द्र पटेल और राजस्थान के मुकेश चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये दोनों भारत में खुले बैंक खातों को विदेश तक पहुंचाने की कड़ी थे। ये व्हाट्सएप के जरिए विदेशी साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़े रहते थे और ठगी के लिए उपयोग किए जाने वाले खातों को नाइजीरिया, कैमरून और चीन में बैठे ठगों तक भेजते थे।

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एक सप्ताह पहले पुलिस ने ग्वालियर के नया बाजार स्थित बाबा महाकाल एमपी ऑनलाइन कियोस्क पर दबिश देकर संचालक नरेंद्र सिकरवार को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान कियोस्क से 84 एटीएम कार्ड, नौ मोबाइल फोन और फिनो बैंक की एटीएम किट बरामद की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि कियोस्क से खोले गए अधिकांश खाते देशभर में हुई साइबर ठगी से जुड़े थे।
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पुलिस के अनुसार ठगी से प्राप्त राशि को यूएसडीटी क्रिप्टो करंसी में बदलकर विदेश भेजा जाता था। आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले चैट रिकॉर्ड में नाइजीरिया, चीन और अन्य देशों में बैठे लोगों से संपर्क के सबूत मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के माध्यम से अब तक कितनी राशि क्रिप्टो करंसी के जरिए विदेश पहुंचाई गई है।

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