ग्वालियर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोजशाला विवाद को संवेदनशील बताते हुए कहा कि इसका अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है। वहीं, नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। पढ़ें और क्या-क्या कहा है?
ग्वालियर पहुंचे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भोजशाला और नीट परीक्षा मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भोजशाला मामला अब संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुका है और इसका अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को ही लेना है। वहीं, नीट परीक्षा में कथित धांधली को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए चेयरमैन को हटाने की मांग की।
विज्ञापन
'हिंदू-मुस्लिम के नाम पर तनाव बढ़ाना उचित नहीं'
अपने एक दिवसीय दौरे पर ग्वालियर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि भोजशाला एक एएसआई संरक्षित स्मारक है। ऐसे में वहां पूजा होगी या इबादत, यह तय करना न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कई मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, जिनमें वाराणसी का ज्ञानवापी, संभल की मस्जिद और मथुरा-वृंदावन विवाद शामिल हैं।
'केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा ले'
उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम के नाम पर तनाव बढ़ाना उचित नहीं है, क्योंकि इससे समाज में दूरियां बढ़ती हैं। उनका कहना था कि भोजशाला विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए। नीट परीक्षा को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए समिति ने विस्तृत रिपोर्ट दी थी, लेकिन सरकार ने उस पर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले घोटाले युवाओं के भविष्य के साथ धोखा हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा ले और एनटीए के चेयरमैन को हटाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने रुपये की कीमत में गिरावट और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अच्छे दिन लाने का वादा किया गया था, लेकिन अब खुद सरकार मान रही है कि अच्छे दिन नहीं हैं। पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं और देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ती जा रही है।