ग्वालियर की कलाकारी का इतिहास गौरवशाली रहा है। यहां ऐसे कलाकार हुए हैं, जिनकी कलाओं के नमूने आज भी लोगों को हैरत में डाल देते हैं। यहां के कलाकारी की तारीफ विश्व भर में की जाती है।
ग्वालियर की ऐसी ही एक कलाकारी अब अयोध्या की शान बढ़ाएगी। दरअसल, ग्वालियर के मूर्तिकार प्रभात राय द्वारा तैयार की गई महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति अब अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर लगाई जाएगी। बता दें कि आज अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हो गई। इस दौरान पूरा देश भगवान राम की आस्था में डूबा हुआ नजर आया। इसके साथ ही लोग बड़ी संख्या में विभिन्न मार्गों से अयोध्या पहुंचे।
अयोध्या में हवाई सेवा के माध्यम से जो भी व्यक्ति पहुंचेगा, उसका दीदार सबसे पहले ग्वालियर की कलाकारी से होगी। दरअसल, अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटर नेशनल एयरपोर्ट पर जो महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा लगाई जा रही है, वह मूर्ति ग्वालियर के मूर्तिकार प्रभात राय और उनकी टीम द्वारा तैयार की है।
ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार प्रभात राय के बेटे अनुज राय ने बताया कि जब यह जानकारी हमें हुई तो पूरी टीम में एक अलग ही उत्साह था कि उन्हें भी इस प्रकार से भगवान राम की सेवा के साथ ही अयोध्या की पहचान में शामिल होने का मौका भी मिल रहा है। मूर्ति के बारे में उन्होंने बताया कि समय सीमा तय थी 30 दिन की। इसी समय सीमा में हमने इस मूर्ति को अष्ट धातु में तैयार भी किया, जिसमें कॉपर, लेड, टीन, आयरन, सिलिकॉन, जिंक, एंटीमोनी, कैडियम का प्रयोग किया गया है। ग्वालियर में तैयार हुई इस मूर्ति का रंग चॉकलेटी और इसकी लगभग ऊंचाई सात फीट है। इस दौरान कई तरह की समस्याएं भी आईं, लेकिन इन समस्याओं से बढ़कर हमारे भीतर का उत्साह था।