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MP: गर्भवती प्रेमिका की मुठ्ठी खुली, प्रेमी जेल से आजाद, हथेली पर ऐसा क्या लिखा था कि हाईकोर्ट ने दी जमानत?

Sun, 22 Sep 2024 12:17 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

MP: ग्वालियर खंडपीठ ने शनिवार को एक सुनवाई के दौरान आरोपी प्रेमी को जमानत दे दी है। मामला नाबालिग गर्भवती की आत्महत्या के मामले को लेकर था, जिसमें उक्त प्रेमी को इस मामले में आरोपी बनाया गया था।
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हाईकोर्ट ने प्रेमी को दी जमानत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक नाबालिग गर्भवती की आत्महत्या के मामले में आरोपी बनाए गए प्रेमी को राहत देते हुए जमानत दे दी है। क्योंकि नाबालिक मृतिका के पोस्टमार्टम के दौरान उसकी हथेली पर डॉक्टर ने लिखा पाया था कि वह अपने एक भाई के कारण मर रही है। आरोपी ने इसी साक्ष्य के आधार पर हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। इसके बाद जस्टिस सुनीता यादव ने पूरे मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को जमानत दे दी है। पूरा ममला विदिशा जिले का है। जहां दीपनाखेड़ा पुलिस थाने में नाबालिक मृतिका की मां ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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दरअसल पूरा मामला विदिशा जिले के दीपनाखेड़ा थाना क्षेत्र का है। जहां पर 6 जून को नाबालिक गर्भवती ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मृतका की मां ने थाने में पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मृतका की मां ने पुलिस से शिकायत में कहा था कि आरोपी अमित साहू 4 जून को उनके घर आया था और उसने उनकी बेटी से शादी का दबाव बनाया, लेकिन बेटी राजी नहीं हुई, तो अमित ने भाई बहन को जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया।

इसके बाद मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लिया था। नाबालिग के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अमित साहू को आरोपी बनाते हुए उसके खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं मे FIR दर्ज की थी और उसे घटना के 24 घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था और 10 जून से आरोपी अमित साहू जेल में बंद है। 
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विदिशा जिले के दीपनाखेड़ा थाना पुलिस ने नाबालिक मृतिका की आत्महत्या के मामले में जब पोस्टमार्टम किया गया, तो डॉक्टर ने उसके हाथ पर जो कुछ लिखा देखा उसका उन्होंने फोटो खींच लिया था और उसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शामिल किया गया था। मृतका नाबालिक की हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में साफ तौर पर कहीं भी आरोपी अमित साहू का जिक्र नहीं है, उसमें साफ-साफ लिखा हुआ है कि वह अपने भाई की मारपीट से तंग आकर मर रही है।

वहीं आरोपी अमित का मृतिका के घर में आना जाना था और इसी बात को लेकर मृतका को उसका भाई मानसिक प्रताड़ित कर रहा था। यही वजह है कि नाबालिग ने अपने भाई की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की है। ऐसे में आरोपी अमित के वकील ने इन सभी साक्ष्यो को हाईकोर्ट के समक्ष रखा और जमानत की मांग की थी जिस पर सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी अमित साहू को राहत देते हुए जमानत दे दी है, लेकिन केस की ट्रायल जारी रहेगी।

हालांकि पूरे मामले में पुलिस ने मृतका के हाथ पर लिखे सुसाइड नोट और उसकी छोटी बहन जोकि उसके साथ कमरे में सोती थी, उसने पुलिस बयानों में आरोपी अमित का 4 जून को घर आने और बहन को धमकाने की बात से इंकार किया था, लेकिन फिर भी पुलिस ने परिजनों के दबाव में अमित साहू पर FIR की थीं। ऐसे में पुलिस की थ्योरी को दरकिनार करते हुए हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने आरोपी को राहत के तौर पर जमानत मंजूर की है।

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