खेत में लगी आग, करोड़ों का नुकसान।
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ग्वालियर जिले में एक छोटी सी चिंगारी से ऐसी आग भड़की, जिसने किसानों की महीनों की मेहनत और करोड़ों की फसल को मिनटों में खाक कर दिया। बेबस किसान अपनी फसल को जलता देख पानी लेकर उसे बुझाने पहुंचे लेकिन आग इतनी भयावह थी, जिस पर काबू पाना किसी के बस की बात नहीं थी। ग्वालियर जिले के चीनोर भदेश्वर, दौलतपुर गांव में अचानक लगी आग से 15 सौ बीघा के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल राख के ढेर में तब्दील हो गई। वहीं, घटना की जानकारी देने के बाद फायर ब्रिगेड का अमला 3 घंटे बाद पहुंचा। तब तक खेतों में सिर्फ जली फसल बची थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए। आगजनी की सूचना मिलने पर ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे थे उन्होंने ग्रामीणों को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
एक बीड़ी ने खाक की करोड़ों की फसल
खेतों में लगी आग के पीछे जलती बीड़ी फेंकने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने खेतों में जलती बीड़ी फेंक दी थी, गेहूं की फसल पूरी तरह से पककर कटने को तैयार थी। सूखे होने के चलते फसलों ने छोटी सी चिंगारी की चपेट में आते ही विकराल रूप धारण कर लिया और आग देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में 15 सौ बीघा के क्षेत्र में फैल गई। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के साथ ही नरवाई भी थी, जिसमें एक के बाद एक आग लगते ही गई। बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत करहिया मार्ग से हुई जिसने पहले भदेश्वर क्षेत्र को घेरा फिर सिरसुला और दौलतपुर मौजे में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग से करीब 5 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन किया गया है।
खेत को जोतकर आग को रोका
अपनी महीनों की मेहनत को राख होने से बचाने के लिए किसान एकजुट होकर जी जान से आग बुझाने के लिए लग गए। किसानों ने ट्यूबबेल से आग को बुझाने की कोशिश की। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली, इसी दौरान चीनोर से फायर ब्रिगेड पहुंची, जिससे आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन तब भी आग नहीं बुझी तो किसानों ने खेतों को जोतकर आग को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। ग्रामीणों को आगजनी की घटना में करोड़ों का नुकसान हुआ है कई किसानों के यहां खाने तक के लिए राशन नहीं बचा है। पीड़ित किसानों का कहना है कि फसल को बेचकर इसमें से ही घर के खाने के लिए गेहूं रखा जाता है। लेकिन सारी फसल जल गई है, अब साल भर किस तरह से गुजारा करेंगे इसकी चिंता सता रही है।
कलेक्टर ने दिया मदद का आश्वासन
फायर ब्रिगेड और प्रशासन के अमले के देर से पहुंचने के कारण अधिकारियों को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। एसडीएम और कलेक्टर के गांव में पहुंचने पर किसानों ने विरोध में नारेबाजी की। कलेक्टर ने किसानों को समझाकर मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी किसानों को मुआवजा दिलाने की बात भी कही है। कलेक्टर ने कहा कि पूरी घटना बेहद गंभीर है इसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, मामले को लेकर किसानों का कहना है कि यदि जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड का अमला तत्काल पहुंच जाता तो आग इतना नहीं फैलती और कुछ फसल को राख होने से बचाया जा सकता था।