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Guna News: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी, तीन कोचिंग सेंटर सील; कई संचालक ताला लगाकर भागे

Fri, 26 Jun 2026 09:55 AM IST
गुना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना

सार

 गुना जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के एक दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटरों की जांच की। फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर तीन बड़े कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया।
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कोचिंग संस्थान में फायर सेफ्टी चेकिंग के दौरान की तस्वीर।
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विस्तार
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देशभर में कोचिंग संस्थानों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद गुना जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। गुरुवार को राजस्व, शिक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर में संचालित एक दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटरों पर औचक छापा मारा। जांच में सामने आया कि ज्यादातर संस्थान फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकास जैसे बुनियादी सुरक्षा मानकों पर ही फेल हैं।
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गंभीर खामियां मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन बड़े कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। जैसे ही संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच शुरू की, कोचिंग संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। कई संस्थानों ने आनन-फानन में कक्षाएं स्थगित कर बच्चों को घर भेज दिया। कुछ संचालक शटर गिराकर मौके से निकल गए। टीम जब मौके पर पहुंची तो पांच कोचिंग सेंटर बंद मिले। अधिकारियों का मानना है कि कार्रवाई से बचने के लिए संचालकों ने जानबूझकर ताले लगाए।

बारीकी से की जा रही जांच
निरीक्षण के दौरान टीम ने भवन की संरचना, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, बैठने की क्षमता और बिजली की फिटिंग समेत सभी बिंदुओं की बारीकी से जांच की। अधिकांश जगहों पर फायर एक्सटिंग्विशर या तो नदारद थे या एक्सपायरी डेट के मिले। कई बहुमंजिला भवनों में प्रवेश और निकास के लिए एक ही संकरी सीढ़ी थी। आपात स्थिति में सैकड़ों बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलने का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं था। कुछ संस्थानों में क्षमता से अधिक विद्यार्थी ठूंसकर बैठाए जा रहे थे।
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'खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं'
जांच में सबसे ज्यादा लापरवाही करियर पावर, माइलस्टोन और चरित्रम कोचिंग इंस्टीट्यूट में मिली। यहां फायर सेफ्टी के इंतजाम न के बराबर थे और इमरजेंसी एग्जिट का कोई प्रावधान नहीं था। नियमों की खुली अवहेलना पर प्रशासन ने तीनों संस्थानों को मौके पर ही सील कर दिया। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
तहसीलदार मयंक तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों की जान से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों को नोटिस दिया गया है, उन्हें तय समय में सभी खामियां दूर करनी होंगी।

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कार्रवाई के लिए रोस्टर किया गया तैयार
इसके बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। मानक पूरे होने पर ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। नायब तहसीलदार आरती गौतम ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को भेजने से पहले संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था जरूर जांच लें। संयुक्त टीम में शिक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिसकर्मी भी शामिल रहे। अधिकारियों ने साफ किया कि यह एक दिन की कार्रवाई नहीं है। शहर के सभी कोचिंग संस्थानों, हॉस्टल और लाइब्रेरी की जांच का रोस्टर तैयार किया गया है।
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नियम तोड़ने वालों पर एफआईआर तक की कार्रवाई हो सकती है। प्रशासन ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस सख्ती के बाद कोचिंग संचालकों में बेचैनी है। कई संचालक अब जल्दबाजी में फायर उपकरण खरीदते और नक्शे दुरुस्त कराते दिख रहे हैं।
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