सीहोर: बिना दहेज के शादी कर दूल्हे ने दिया संदेश
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सीहोर जिले में एक दूल्हे ने लोगों को दहेज न लेने का संदेश दिया। वधु पक्ष की तरफ से वर पक्ष को दहेज में बाइक, सोने की चैन दी जा रही थी, जिसे लेने से दूल्हे ने इंकार कर दिया और दुल्हन को घर की असली लक्ष्मी बताया।
मामला सीहोर जिले के गांव रूजनखेड़ी का है यहां 6 फरवरी को एक शादी थी। जिसमें वधु पक्ष के लोग वर पक्ष को दहेज के रूप में बाइक और सोने की चैन भेंट कर रहे थे, लेकिन वर पक्ष ने उनके सामने शर्त रखी की वे बिना एक पैसा लिए ये शादी करेंगे। एमबीए पास बलवंत पवार ने दहेज लेने से साफ इंकार कर समाज को एक नया संदेश दिया, दूल्हे बलवंत ने कहा कि दुल्हन घर की लक्ष्मी होती है, एक पिता अपनी बेटी की परवरिश में अपने जीवनभर की कमाई लगा देता है। शादी के बाद बेटी घर छोड़कर ससुराल चली जाती है, इसलिए दुल्हन ही घर की लक्ष्मी है वह बिना दहेज के ही शादी करेगा।
बिना दहेज के हुई इस शादी की चर्चा गांव के घर-घर में सुनने को मिली। जहां वर्तमान दौर में लोग बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित करते हैं वहीं समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बहू को ही लक्ष्मी का रूप मानते हैं। दूल्हे की बातें सुनकर शादी में मौजूद सभी लोगों ने उसकी सोच की तारीफ की।
चीच निवासी दुल्हन के पिता सुरेश ने बताया कि वो अपने दमाद के लिए बाइक और सोने की चैन लेकर आए थे, लेकिन उन्होंने मना करते हुए शर्त रखी कि बिना दहेज के ही वो सात फेरे लेंगे। उनका कहना था कि पति के घर एक बेटी लक्ष्मी का रूप लेकर आ रही है उससे बड़ा दहेज क्या होगा।
एमबीए पास है दूल्हा
समाज को बिना दहेज के शादी करने का संदेश देने वाले बलराम पवार एमबीए पास है। वहीं वधु मीनाक्षी पवार ने एमए किया है। दहेज न लेने की बात पर मीनाक्षी ने कहा कि आज के इस दौर में ऐसा जीवन साथी मिलना सभी के लिए संभव नहीं है। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे ऐसा पति और परिवार मिला है, जो मुझे ही लक्ष्मी मानकर दहेज लेने से इंकार कर रहा है।