मध्य प्रदेश के धार जिले में पोती को तेंदुए ने जबड़े में दबोच लिया था और दादी ने उसके दोनों पैर खींचकर उसकी जान बचाई। दादी ने शोर मचाया तो तेंदुआ घर में दुबक गया और करीब 12 घंटे तक वहीं दुबका रहा। बाहर पिंजरा लगा देखकर रात को वह कवेलू की छत तोड़कर भाग गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों का घेराव किया।
जतनबाई के मुताबिक बेटा अनिल व पत्नी संतोषी घर में सो रहे थे। वहीं, दादी-दादी अपनी पोती के साथ आंगन में। सुबह जब नींद खुली तो सामने तेंदुआ था। तेंदुए ने पति पर झपट्टा मार दिया। इससे उनकी जीभ और होंठ कट गए। पीठ व सिर में भी चोटें आई हैं। इस बीच तेंदुए ने मनीषा को मुंह में दबाया और घर के अंदर जाने लगा। जतनबाई ने बच्ची के दोनों पैर पकड़े और खींचने लगी। शोर सुनकर अंदर सो रहे बेटा-बहू भी बाहर आ गए। पड़ोसी भी वहां पहुंच गए थे। तेंदुआ घर में घुसा तो दरवाजा बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
तेंदुए को रेस्क्यू करने इंदौर के रालामंडल से वन विभाग की टीम को बुलाया गया था। सुबह 10 बजे टीम पहुंच भी गई थी। मकान कच्चा और छत कवेलू की होने से कुछ खास कर नहीं सकी। दरवाजे के सामने पिंजरा लगाकर तेंदुए का इंतजार किया, पर वह चकमा देकर निकल भागा। ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश भी की, लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं आया। शाम छह बजे वह छत तोड़कर भाग निकला। उसने राहुल शमशेर को भी पंजा मारकर घायल कर दिया। वन विभाग के एसडीओ संतोष रणछोरे ने बताया कि तेंदुआ कच्चे मकान में घुसा हुआ था। उसे रेस्क्यू करना मुश्किल था। मौका देखकर वह भाग निकला। जंगल में सर्च किया जाएगा।