बालाघाट के आदिवासी क्षेत्र में दूषित पानी और अन्य बीमारियों के चलते करीब 24 बच्चों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शुक्रवार, 22 अगस्त को बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम मछुरदा पहुंचकर प्रभावित बैगा परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों से उनकी सामाजिक स्थिति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
दो अधिकारियों को हटाया
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी को हटाने के निर्देश दिए। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलप और जिला मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा को उनके पद से हटाया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों की मौत के मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का 21 अगस्त को बालाघाट दौरा प्रस्तावित था, लेकिन उनका दौरा रद्द हो गया था। इसके बाद वे 22 अगस्त को बालाघाट पहुंचे और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बैगा परिवारों से बातचीत की।
टीकाकरण में सहयोग की अपील
ग्राम पंचायत मछुरदा की बैगा जनजाति की सरपंच जिलसो रामसिंह तिलगाम सहित अन्य बैगा परिवारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने बच्चों के टीकाकरण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में बच्चों की मृत्यु हुई है, उनके प्रति प्रदेश सरकार की पूरी संवेदना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण बच्चों को संक्रामक बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देने की अपील
उप मुख्यमंत्री ने बैगा परिवारों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। शिक्षा से बच्चों का भविष्य बेहतर होगा और उन्हें आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हाल ही में नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। अब शासन की योजनाओं और सुविधाओं को प्रभावी ढंग से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।
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पोषण और स्वच्छता पर जोर
बैगा परिवारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने पोषण और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई की आदत अपनाने और पौष्टिक आहार लेने से कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने परिवारों से घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उप मुख्यमंत्री ने मछुरदा के उप स्वास्थ्य केंद्र में एक एएनएम की व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें।
38 गांवों में मलेरिया से बचाव के लिए अभियान
पत्रकारों से चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बैगा बच्चों की मौत के मामले की जांच की जाएगी। बिरसा क्षेत्र के 38 गांवों में मलेरिया से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है और बीमार लोगों की जांच कर उपचार किया जा रहा है। प्रभावित गांवों में टीकाकरण का विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैगा जनजाति के परिवारों को स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा बच्चों के पोषण को लेकर भोपाल में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी और समस्या के समाधान के प्रयास किए जाएंगे। दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग का मानव संसाधन बढ़ाया जाएगा। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बीमारी से प्रभावित बैगा परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस दौरान मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे, विधायक राजकुमार कर्राहे, गौरव सिंह पारधी, कलेक्टर कुमार सत्यम, पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, बैहर एसडीएम अर्पित गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।