छतरपुर जिले के बड़ामलहरा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1 में रविवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। कर्ज से परेशान एक फल विक्रेता ने आत्महत्या कर ली। मृतक संतोष उपाध्याय (45) ने पहले अपनी पत्नी और तीन मासूम बेटियों को कमरे में बंद किया और फिर खुद दूसरे कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
घटना सुबह करीब 6:30 बजे बताई जा रही है। संतोष की पत्नी रानी उपाध्याय ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी कि उनके पति ने उन्हें और बच्चों को कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया है। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।
डायल 112 में तैनात आरक्षक रामअवतार मीणा और पायलट रामगोपाल विश्वकर्मा ने मौके पर पहुंचकर बंद कमरे का ताला तोड़ा और महिला समेत तीनों बेटियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस टीम ने पास के दूसरे कमरे में जाकर देखा तो संतोष उपाध्याय फांसी के फंदे पर लटके मिले।
पढ़ें: दादाजी इंस्टीट्यूट के छात्रों से वसूली, 75 लाख की फीस का हुआ गबन; तीन पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने तुरंत उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संतोष उपाध्याय लंबे समय से कर्ज के बोझ से परेशान थे, जिसके चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, संतोष मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन आर्थिक तंगी ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिजन बोले:
वह काफी समय से कर्ज को लेकर परेशान थे, लेकिन इतना बड़ा कदम उठा लेंगे, यह कभी नहीं सोचा था।