मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जय भान सिंह पवैया को अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन के लिए आमंत्रित किया गया है। बता दें कि बाबरी मस्जिद के विध्वंस के दौर में जय भान सिंह पवैया बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक थे। वह बहुत आक्रमक उग्र और तेजतर्रार नेता थे।
वहीं ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारिका शारदापीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने नसीहत दी है कि राजधर्म निभाएं और सबसे पहले कोरोना से मुक्ति दिलवाएं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का मंदिर बनाए जाने से हमें कोई आपत्ति नहीं है परंतु भगवान की जन्मस्थली में गर्भगृह के आग्नेय कोण में भगवान के बालरूप की स्थापना की जानी चाहिए।
शास्त्रोक्त विधि-विधान से इसका निर्माण होना चाहिए। तो ऐसे में सरकार असली समस्या से लोगों का ध्यान भटकाते हुए अशास्त्रीय रीति से शिलान्यास करने जा रही है। यह कार्य तो देवोत्थान एकादशी के उपरांत उचित मुहूर्त देखकर भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक तो देवशयन के समय में बिना मुहूर्त के ही मंदिर का निर्माण आरंभ करा रहा और दूसरी ओर कोरोना महामारी से पीड़ित देश से हर्ष प्रदर्शित करने के लिए दीपोत्सव मनाने का सरकार भी आदेश जारी कर रही।
वर्तमान समय में कोरोना का संक्रमण पूरे देश पर हावी है। लोग विपत्ति में हैं। जब प्रतिदिन पीड़ितों के आंकड़ों में वृद्धि हो रही है तो बजाय स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लोगों से उत्सव मनाने की अपील करना उचित नहीं है। साथ ही कहा कि जिस घर में कोरोना से कोई भी व्यक्ति संक्रमित होगा या मरा होगा वह कैसे दीप जलाकर हर्ष मनाएगा।