मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील के बर्धा गांव में झोलाछाप डॉक्टर पिता का बेटा असली डॉक्टर बन लोगों का कोरोना का इलाज कर रहा था। वह भी पेड़ों की छांव में।
गुरुवार को झोलाछाप डॉक्टर अब्दुल करीम खान पेड़ों के नीचे मरीजों को ड्रिप लगाकर इलाज कर रहा था। यहां मरीजों को सलाइन चढ़ाई जा रही थी। इसकी शिकायत बीएमओ नटेरन के पास पहुंची है। इस मामले ने नीम हकीम खतरे-ए-जान.की कहावत को फिर चरितार्थ कर दिया। इस फर्जी डॉक्टर ने खेतों में पेड़ों के नीचे छोटे-छोटे पलंग डाल रखे थे। वह वहीं कोरोना मरीजों को ड्रिप चढ़ा रहा था।
हमारे पिताजी के पास डिग्री है
तथाकथित डॉक्टर अब्दुल करीम खान से जब मीडिया ने पूछा कि वह बगैर डिग्री कैसे इलाज कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि हमारे पिताजी के पास डिग्री है। उसी डिग्री से हम इलाज करते हैं। इन लोगों को कमजोरी की शिकायत है तो हम ड्रिप चढ़ा देते हैं। हम थोड़ा बहुत कोरोना का इलाज भी कर देते हैं।
स्वास्थ्य अमले ने आंखें मूंदीं
क्षेत्र की ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी नीतू राय ने कहती हैं कि उन्हें भी आज पेड़ की छांव में अस्पताल दिखाई नहीं दिया। उन्हें जब वीडियो दिखाया गया तो बोलीं-हम पता लगाएंगे, सीएमएचओ को लिखेंगे और कार्रवाई करेंगे।