महिला की रास्ते में हुई डिलीवरी
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दमोह जिले के पटेरा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जोगीडाबर के ग्वारी गांव में एक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे खाट पर लिटाकर पांच किलोमीटर चलकर मुख्य मार्ग तक ला रहे थे। लेकिन बीच रास्ते में ही उसका प्रसव हो गया और मुख्य मार्ग तक पहुंचने के करीब आधे घंटे के बाद 108 वाहन पहुंचा, जिसके बाद महिला को कुम्हारी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
बता दें कि जोगीडाबर ग्राम पंचायत के ग्वारी गांव में रहने वाले पप्पू आदिवासी की गर्भवती पत्नी नन्हीबाई को शनिवार दोपहर तेज दर्द उठा। पति ने 108 को फोन लगाया, लेकिन मुख्य मार्ग से गांव तक सड़क न होने के कारण परिजन दर्द से कराह रही महिला को खाट पर लिटाकर पांच किमी चलकर मुख्य मार्ग बम्हनी तक ला रहे थे। लेकिन रास्ते में ही खाट पर महिला का प्रसव हो गया। इसके बाद मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद कुछ देर में 108 वाहन पहुंचा, जिसके बाद महिला को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां महिला की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
स्थानीय ग्रामीण भी गांव में सड़क न होने से आक्रोश में हैं, उनका कहना है कि विधायक, सांसद चुनाव के दौरान गांव में आते हैं और कई प्रकार के विकास कार्य के वादे कर जाते हैं, लेकिन जीतने के बाद वापस लौटकर नहीं आते। ग्रामीण शासन, प्रशासन से सड़क निर्माण की गुहार लगाकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी। आदिवासी बाहुल्य गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं को मोहताज हैं।
वहीं, महिला के साथ जिला अस्पताल पहुंची आशा कार्यकर्ता गीता ठाकुर ने बताया कि ग्वारी गांव में सड़क नहीं है। आज गर्भवती महिला नन्हीबाई को खाट पर लिटाकर मुख्य मार्ग तक ला रहे थे। लेकिन बीच रास्ते में उसका प्रसव हो गया, जिसके बाद कुम्हारी से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां महिला और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।