दमोह निवासी बॉलीवुड सिनेमेटोग्राफर हरीश पटेल ने फिल्म आदिपुरुष की टीम के साथ आजीवन काम न करने का संकल्प लिया है। हरीश ने बताया कि फिल्म आदिपुरुष का रिलीज होने के बाद से ही विरोध हो रहा है। फिल्म के संवादों को लेकर हिंदू संगठनों, धर्मगुरुओं और देशभर के लोगों ने कड़ी आपत्ति दिखाई। नेपाल में फिल्म को बैन कर दिया गया। वहीं, काठमांडू में फिल्म आदिपुरुष के साथ बाकी की हिंदी फिल्में भी उतार दी गईं। ऐसे में फिल्मी दुनिया से फिल्म फेडरेशन एसोसिएशन ने भी फिल्म को बैन करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था। इसके बाद भी फिल्म को अभी तक भारत में बैन नहीं किया गया। ऐसे में राम भक्तों की आस्था उनकी भावनाओं को आघात पहुंचा है।
कितना भी नुकसान हो नहीं करूंगा काम
दमोह निवासी बॉलीवुड सिनेमेटोग्राफर हरीश पटेल ने फिल्म रिलीज के बाद से ही सोशल मीडिया के माध्यम से इसका कड़ा विरोध किया था। ट्वीट करके सरकार से इस फिल्म को बैन करने की भी गुजारिश की, लेकिन जब फिल्म बैन नहीं हुई तो हरीश ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह घोषणा की है कि मैं फिल्मी दुनिया में बतौर सिनेमेटोग्राफर कार्य करते हुए आजीवन आदिपुरुष फिल्म की टीम के लोगों के साथ कभी भी काम नहीं करूंगा। चाहे मुझे इसके लिए कितना ही नुकसान क्यों न उठाना पड़े।
आदि पुरुष की टीम में फिल्मांकन में, ड्रेस में, संवाद में, सेट डिजाइन में हर पक्ष को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। रामकथा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन का वृतांत है, इसको गलत तरीके से दिखाए जाने से आने वाली युवा पीढ़ी में गलत संदेश जाएगा। इसलिए इसे बैन करना ही चाहिए।
बता दें हरीश पटेल लगभग 23 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्रीज में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नेशनल अवॉर्ड विनर फिल्म स्वदेश के सिनेमेटोग्राफर महेश आने के साथ कैमराग्राफी के हुनर सीखे हैं। उन्होंने एक विलेन और हाफ गर्लफ्रेंड जैसी हिट फिल्मों में कैमरामैन, विष्नु राव के साथ बतौर ऑपरेटर कैमरामैन काम किया था जिस के हिट गाने तेरी गलियां और फिर भी तुमको चाहूंगा भी मनोज मुंतशिर द्वारा लिखे गए थे। उन्हें भी हरीश पटेल ने अपने कैमरे द्वारा शूट किया था। इसके साथ ही हरीश पटेल गुजराती, पंजाबी और कई हिदी फिल्मों में बतौर सिनेमेटोग्राफर रहे हैं।
साथ ही खुद के होम प्रोडक्शन ओम शिव शक्ति फिल्मस इंटरनेशनल के बैनर तले अपने ग्रह निवास दमोह में समाज को मैसेज देती हुई कई शॉर्ट फिल्मों का निर्माण और निर्देशन करके उन्हें नेशनल और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के मंचों से अवार्ड भी हासिल किए हैं। हाल ही में इनकी शॉर्ट फिल्म ये गांव मेरा को देवगिरी फिल्म फेस्टिवल के प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ था। हरीश पटेल की इस पहल का बॉलीवुड के कई निर्देशकों ने भी समर्थन किया है।
इन्होंने भी जताई अपत्ति
अभिनेता ओमपुरी की आखिरी फिल्म खेला होवे के निर्देशक सुनील सिन्हा ने भी इसमें अपनी सहमति दिखाई। उन्होंने कहा कि श्रीराम हमारे आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम है उनकी छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत करने वालों के साथ कभी किसी को काम नहीं करना चाहिए। इसके साथ-साथ फिल्म है तुझे सलाम इंडिया फिल्म के निर्देशक अवनीश कुमार ने भी कहा कि गलत तरीके से फिल्म दिखाए जाने वालों के साथ कभी काम नहीं करेंगे।