डिंडौरी जिले के राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना बांध का विरोध विवाद में बदल गया। 48 गांवों के डूब प्रभावित किसानों ने कंपनी कर्मचारियों पर महिलाओं को धमकी देने का आरोप लगाते हुए शाहपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई।
डिंडौरी जिले के राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना बांध का विरोध अब विवादों और कानूनी शिकायतों में तब्दील हो गया है। शाहपुर थाने में डूब प्रभावित किसानों ने एफ कांट कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई है।
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मामला क्या है?
दरअसल, 28 जनवरी को घुसिया गांव के ढीमरान टोला में नर्मदा किनारे किसान धरना प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन में लगभग 48 गांवों के डूब प्रभावित किसान शामिल थे, जो बांध निर्माण का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। किसान नेता अमर सिंह मार्को के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान कंपनी के कर्मचारियों ने सारी हदें पार कर दीं। शिकायत में तीन मुख्य नाम सामने आए हैं। इनमें कर्मचारी रविंद्र तिवारी, कमलेश कुमार और राजशेखरन शामिल थे। किसानों का आरोप है कि कर्मचारियों ने महिलाओं को विधवा बनाने की खुलेआम धमकी दी।
विरोध से लेकर पुलिस कार्रवाई तक
बता दें कि किसान अपनी जमीनों को बचाने के लिए कंपनी के अस्थाई कैंप के सामने डटे थे और घटना के वक्त मौके पर पुलिस और राजस्व अधिकारी मौजूद थे। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने कैंप से अपना सामान हटाना शुरू किया, जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। शाहपुर थाना पुलिस ने किसानों की लिखित शिकायत ले ली है और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।