'हम सभी चाहते हैं कि बैगाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट आए। मिलना था चार हेक्टेयर मिला दो हेक्टेयर, इसको ठीक करो, विजय शाह ने अधिकरियों को चेतावनी देते हुए कहा, हम 15 दिन बाद फिर आएंगे, सिमरधा का एक-एक आदमी ठीक नहीं होता तो या तो हम छूते नहीं या तो छोड़ते नहीं।
मध्यप्रदेश सरकार के जनजातीय कल्याण विभाग मंत्री विजय शाह डिंडौरी जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य वनग्राम सिमरधा में आयोजित वन अधिकार और पेसा कानून से संबंधित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। वनग्राम सिमरधा में निवासरत विशेष संरक्षित बैगा जनजाति के लोगों ने मंत्री विजय शाह को जैसे ही बताया, वनभूमि में सालों से काबिज होने के बाद भी उन्हें वन अधिकार पत्र नहीं दिया जा रहा है। इतना सुनते ही मंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारीयों की क्लास लगा दी।
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मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप लोग समीक्षा क्यों नहीं करते हैं। एसडीएम भारती मेरावी को स्प्ष्ट शब्दों में कहा कि क्यों न आपको सस्पेंड कर दिया जाय। अधिकारी मंत्री को गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन बैगा आदिवासियों ने लापरवाह अधिकारियों की पोल खोलकर रख दी। मंत्री विजय शाह ने वन अधिकार पत्र को लेकर ऑन कैमरा अधिकारीयों की लापरवाही को स्वीकारा है।
बैगा आदिवासियों ने बताया कि वे वन भूमि पर कई साल से काबिज हैं और सरकार के निर्देशों के बाद भी उन्हें वन अधिकार पत्र नहीं दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों पर फसल को बर्बाद करने के आरोप भी लगाये हैं।
15 दिनों का अल्टीमेटम
मंत्री विजय शाह ने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि पंद्रह दिनों के भीतर लापरवाही को सुधारकर पात्र बैगा आदिवासियों को वन अधिकार पत्र दिए जाएं। साथ ही उन्होंने पंद्रह दिनों के बाद दोबारा सिमरधा गांव के दौरा करने की बात भी कही है। पात्रता होते हुए भी अधिकांश बैगा आदिवासियों को वन अधिकार पत्र नहीं दिए जाने मामले में अधिकारियों की लापरवाही को लेकर मंत्री विजय शाह से सवाल किया तो मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कार्यक्रम में मौजूद क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी पात्र बैगा आदिवासियों को पंद्रह दिनों के भीतर वन अधिकार पत्र दिलाने का भरोसा जताया है। इस कार्यक्रम में जनजातीय कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा एवं वन विभाग के आला अधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारी व भाजपा नेता मौजूद रहे।