प्रेस कांफ्रेंस करते दिग्विजय सिंह
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मध्यप्रदेश कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मीडिया के सामने आए। उन्होंने अपने उपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अपने उपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए दिग्विजय ने कहा, ''मैं आरोपों से विचलित नहीं होता मुझे राजनीति में 50 साल हो गए हैं। पिछले चार दिनों में जो कुछ भी हुआ उसे मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ता हूं।''
वन मंत्री उमंग सिंघार के बारे में उन्होंने कहा कि हर पार्टी में अनुशासन होना चाहिए चाहें कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो कार्रवाई होनी चाहिए। दिग्विजय ने कहा कि उन्होंने सिंधिया और दीपक बावरिया से भी चर्चा की है। किसी के साथ उनका कोई विवाद नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि पिछले दिनों मैंने मंत्रियों को पत्र लिखकर पूछा था कि मेरे पत्रों पर क्या कार्रवाई हुई। राज्यसभा सांसद होने के कारण यह मेरी जिम्मेदारी भी है। यह पत्र मैंने कार्यकर्ताओं के निवेदन पर लिखे थे।
मेरी लड़ाई बापू की हत्या करने वाली विचारधारा से
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी लड़ाई मेरी लड़ाई बापू की हत्या करने वाली विचारधारा से है। आपस में लड़ाई करके भाजपा को मौका न दे। पार्टी में अनुशासन बनाए रखें।