संघ प्रमुख मोहन भागवत के ‘डीएनए’ वाली टिप्पणी को लेकर एक बार फिर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा, अगर हिंदू-मुसलमान का डीएनए एक ही है तो धर्म परिवर्तन कानून और लव-जिहाद कानून की क्या जरूरत थी? फिर तो भागवत व एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का डीएनए एक ही है।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, अगर ऐसा था तो फिर भाजपा शासित राज्यों में धर्म परिवर्तन और अंतरधार्मिक विवाह के खिलाफ कानून लाने की जरूरत क्या थी। उल्लेखनीय है कि यूपी, मध्यप्रदेश सहित भाजपा शासित राज्यों के एक समूह ने ऐसे कानून बनाए हैं जो शादी या धोखाधड़ी से धर्मांतरण को प्रतिबंधित करते हैं।
भागवत ने हाल ही गाजियाबाद में एक कार्यक्रम में कहा था कि सभी भारतीयों का ‘डीएनए’ एक है। इसी कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि लिंचिंग में शामिल लोग हिंदुत्व के खिलाफ हैं। संघ प्रमुख के इस बयान पर दिग्विजय ने पहले भी उन पर निशाना साधा था।