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रतलाम में दिग्विजय सिंह: 2023 का चुनाव आखिरी है, अगर नहीं जीते तो कांग्रेस फिर वापस नहीं आ सकेगी

Sat, 19 Feb 2022 06:37 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम

सार

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को रतलाम पहुंचे। उन्होंने भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल पर कई आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने सीएम शिवराज को सबसे बड़ा झूठा करार दिया। वहीं कार्यकर्ताओं से चर्चा में कहा कि अब नहीं जीते तो फिर कुछ नहीं हो सकता। 
 
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दिग्विजय सिंह - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को रतलाम पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चर्चा में कहा कि दिग्विजय ने कहा कि हमें एक होना होगा। एक अलग चलेगा, दूसरा अलग चलेगा तो हम कभी चुनान जीत ही नहीं सकते। सब समाधान भी बेकार और कमलनाथ भी कुछ नहीं कर पाएंगे। आप लोग आपस में बात करने को तैयार नहीं। मैं बता देता हूं कि आखिरी चुनाव है 23 का, अगर आप नहीं ईमानदारी से चुनाव लड़े तो घर बैठिए आप सब। फिर कांग्रेस वापस नहीं आने वाली। वर्कर नहीं मिलेगा काम करने वाला। 
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रतलाम सर्किट हाउस पर प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह ने भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल पर कई आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने सीएम शिवराज को सबसे बड़ा झूठा करार दिया। कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बड़ा झूठा और कोई नहीं है। कहने को रोज पेड़ लगा रहे हैं, लेकिन नर्मदा किनारे तीन पेड़ भी जीवित नहीं हैं। भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल पर आरोप लगाया कि ये राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भगवान श्रीराम के नाम को बेच रहे हैं। लोगों से राम नाम पर वोट मांग रहे हैं। जबकि धर्म और राजनीति दोनो अलग-अलग हैं। धर्म में राजनीति और राजनीति में धर्म का उपयोग होना ठीक नहीं है।  भाजपा वाले सनातन धर्म के खिलाफ हैं ये नफरत फैलाते हैं। भगवान श्री राम पर किसी का एकाधिकार नहीं है। भगवान श्री राम तो सभी के हैं।

भाजपा वाले संविधान को भी नहीं मानते
भाजपा सरकार पर उन्होंने आरोप लगाया कि वह शुरू से ही एससी एसटी ओबीसी आरक्षण के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले संविधान को भी नहीं मानते। अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के मामले में उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को सजा मिलनी ही चाहिए क्योंकि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता न वे हिंदू होते ना मुसलमान, न सिक्ख और नहीं ईसाई,  सजा मिलना ही चाहिए।
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हिजाब-घूंघट परंपरा 
हिजाब मुद्दे पर दिग्विजय सिंह ने कहा हर एक धर्म परंपरा की अपनी मान्यता होती है। कोई घूंघट निकालता है कोई सर ढंकता है। पर्दा करता है। हिजाब और बुर्का दोनों अलग-अलग हैं। जब भी हम सरकार से हिसाब किताब की बात करते हैं तो वह हिजाब की बात करते हैं। यह ठीक नहीं है। सांप्रदायिक सद्भावना जरूरी है।

निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस निजीकरण के खिलाफ है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 100 करोड़ से एलआईसी की शुरुआत की थी जो 5 लाख करोड़ की इकाई बन चुकी है, मगर इसके निजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह ठीक नहीं है। इसके लिए कांग्रेस आंदोलन करेगी।
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